कॉन्ग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने शुक्रवार (31 अक्तूबर 2025) को RSS पर जोरदार हमला बोला और कहा कि देश में कानून और शांति भंग करने वाली इस संस्था पर बैन लगना चाहिए। खरगे ने यह टिप्पणी सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती और पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी की 41वीं पुण्यतिथि के मौके पर की।
जानकारी के अनुसार, खरगे ने कहा कि पटेल और इंदिरा गाँधी दोनों ने भारत की एकता और अखंडता के लिए काम किया। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी पर भी निशाना साधा, जिन्होंने पटेल का हवाला देते हुए बीजेपी की उपलब्धियाँ बताईं।
खरगे ने पटेल के 1948 के पत्र का जिक्र किया, जिसमें RSS की ‘संदिग्ध गतिविधियों’ की बात की गई थी। उन्होंने याद दिलाया कि सरदार पटेल ने देश के धर्मनिरपेक्ष ढाँचे की रक्षा के लिए उस समय RSS पर बैन लगाया था।
वहीं, खरगे की RSS को बैन करने की माँग पर कॉन्ग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ने असहमति जताई है। चिदंबरम ने कहा कि कानूनी रूप से यह माँग आज के माहौल में ‘मुमकिन और टिकाऊ नहीं’ है, क्योंकि सरकार में प्रधानमंत्री से लेकर कई बड़े नेता RSS के ‘पक्के सदस्य’ हैं। चिदंबरम ने स्पष्ट किया कि ऐसी सरकार RSS पर बैन कैसे लगाएगी? हालाँकि, चिदंबरम ने यह भी कहा कि कोई भी संगठन ऐसा काम न करे जिससे भारत की एकता और अखंडता को नुकसान पहुँचे।
#WATCH | Delhi | Congress national president Mallikarjun Kharge's statement that RSS should be banned, Congress MP Karti Chidambaram says, "This kind of request obviously is not going to be exceeded. There was a time when the RSS was banned and then the ban was revoked… I don't… pic.twitter.com/0BqiLGIleq
— ANI (@ANI) October 31, 2025
बीजेपी नेता प्रवीण खंडेलवाल ने खरगे के बयान की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि RSS दुनिया का सबसे बड़ा सेवा संगठन है और इसे किसी के सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी कि जिन्होंने RSS को खत्म करने की सोची है, उन्हें ही विनाश का सामना करना पड़ा है।
वहीं, बिहार बीजेपी अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने कहा कि सनातन हिंदू विचारधारा का अपमान करना कॉन्ग्रेस की पुरानी संस्कृति है। उन्होंने आरोप लगाया कि कॉन्ग्रेस RSS का अपमान करके अपने वोट बैंक को खुश करना चाहती है, लेकिन यह उनकी गलतफहमी है।

