मौलवी ने ‘जिन्न’ उतारने के बहाने नाबालिग से किया रेप: दिल्ली HC ने खारिज की जमानत याचिका, कहा- विश्वास का फायदा उठाकर किया शोषण

दिल्ली हाई कोर्ट ने झाड़-फूँक के बहाने नाबालिग लड़की से रेप करने वाले आरोपित मौलवी मोहम्मद मुबारक की जमानत याचिका खारिज कर दी है। कोर्ट ने माना कि आरोपित ने लड़की की मानसिक-शारीरिक स्थिति और पीड़ित के परिवार के अंधविश्वास का फायदा उठाया। मौलवी पर आरोप है कि उसने नाबालिग के साथ यह कहकर रेप किया कि वह बुरी आत्माओं या जिन्न से छुटकारा दिलाएगा।

बुधवार (06 मई 2026) को जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने कहा कि पीड़िता एक युवा लड़की थी, जो बीमारी से जूझ रही थी। वह और उसका परिवार इस बार पर भरोसा कर बैठे कि आरोपित उसे झाड़-फूँक से ठीक कर सकता है। लेकिन मदद करने के बजाए आरोपित ने इस भरोसे का गलत फायदा उठाया और इलाज के नाम पर उसका शोषण किया।

बार एंड बेंच की रिपोर्ट के मुताबिक, जस्टिस ने फैसला सुनाया कि अपराध की गंभीरता और मामले में मौजूद सबूतों को देखते हुए आरोपित को जमान देना ठीक नहीं है।

क्या है पूरा मामला?

दरअसल, यह मामला साल 2019 का है। जब नाबालिग लड़की काफी सालों से बीमार चल रही थी और उपचार के बावजूद उसकी स्थिति ठीक नहीं हो रही थी। तब लड़की के परिजन को फुसलाया गया कि उनकी बेटी पर कोई बुरी आत्मा आ गई है।

इसके बाद परिजन अपनी लड़की को आरोपित मौलवी के पास ले गए। यहाँ मौलवी ने लड़की से कहा कि बुरी आत्मा तभी भागेगी, जब वह उससे शारीरिक संबंध बनाएगी। इसी बहाने से मौलवी ने उसे एक चादर थमा दी, फिर लड़की को उसके कपड़े उतारने को कहा और उसका रेप किया। मौलवी को IPC और POCSO एक्ट के तहत गिरफ्तार किया गया और जेल भेज दिया गया।