दिल्ली के जाफराबाद में 6 साल की मासूम बच्ची से गैंगरेप का मामला सामने आया है। यहाँ पड़ोस के 10 से 14 साल की उम्र के तीन नाबालिग लड़कों ने मासूम को चाऊमीन खिलाने का लालच देकर सुनसान जगह ले गए और हाथ-मुँह पर पट्टी बाँधकर रेप किया। वापस घर लौटी बच्ची की माँ ने बताया कि बेटी ठीक से चल नहीं पा रही थी और उसका खून भी बह रहा था।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, घटना 18 जनवरी 2026 की है। मुस्लिम बहुल इलाके जाफराबाद में बच्ची अपने पिता के साथ मिठाई खरीदकर घर लौट रही थी। पिता ने बच्ची को घर की गली में छोड़ दिया और काम से चले गए। तभी बच्ची के घर के पास रहने वाले 3 नाबालिग लड़कों ने बच्ची को चाऊमीन खिलाने का लालच दिया और भजनपुरा इलाके में एक खाली इमारत में ले गए।
बच्ची ने बताया कि उसका मुँह और हाथ कपड़े से बँधे हुए थे। उन नाबालिग लड़कों ने बच्ची के साथ मारपीट भी की। लड़कों ने बच्ची के साथ हैवानियत की सारी हदें पार करते हुए बारी-बारी से रेप किया। इतना ही नहीं लड़कों ने बच्ची को धमकी भी दी कि वह इस घटना के बारे में किसी को न बताए।
बच्ची की माँ ने बताया कि यह घटना शाम लगभग 7 बजे की है। बच्ची बुरी तरह से खून बहते हुए घर लौटी। बच्ची की माँ ने उससे इसका कारण पूछा तो उसने कहा कि गिरने से चोट लग गई। इसके बाद बच्ची बेहोश हो गई। बच्ची के चेहरे पर पानी डालकर उसे होश में लाया गया। तभी अचानक पड़ोंस में रहने वाला 13 साल का बच्चा आया और उसने भी यही कहा कि बच्ची को गिरने से चोट लगी है।
जब बच्ची की माँ ने सख्ती से पूछा तो उसने बताया कि पड़ोस में रहने वाले 13 साल के लड़के और दो अन्य लड़कों ने उसके साथ रेप किया है। बच्ची के परिजनों ने तुरंत जाफराबाद पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई। वहीं बच्ची को जग प्रवेश चंद्र अस्पताल ले जाया गया।
वहीं जाफराबाद पुलिस ने बताया कि घटना भजनपुरा की है, इसीलिए भजनपुरा थाने में मामला ट्रांसफर करवाया गया है। भजनपुरा पुलिस ने घटनास्थल पर जाकर खून समेत अन्य सबूत जुटाए हैं। साथ ही अगले दिन 19 जनवरी को आरोपित नाबालिग लड़कों को भी गिरफ्तार कर लिया गया।
इनमें एक 13 साल का पड़ोसी लड़का समेत 10 साल और 14 साल के दो अन्य लड़के शामिल हैं। बच्ची की माँ ने बताया कि ये सभी उनके बेटे के दोस्त हैं, जिसकी पिछले साल बीमारी की वजह से मौत हो गई थी। ये सभी लड़के पीड़ित बच्ची के भाई के साथ खेला करते थे। बच्ची के पिता ने कहा कि इन सभी नाबालिग आरोपितों को वयस्कों जैसा ट्रीट कर सजा दी जाए।
हालाँकि, पुलिस ने 10 और 13 साल के आरोपित लड़कों को बाल कल्याण समिति के सामने पेश किया गया। वहीं एक अन्य आरोपित 14 साल का लड़का और उसका परिवार अब तक फरार है।

