कॉन्ग्रेस के विधायक फूल सिंह बरैया हाल ही में रेप को लेकर दिए गए अपने बेहद आपत्तिजनक और असंवेदनशील बयान के कारण विवादों में थे। अब इस मामले में मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कॉन्ग्रेस नेता दिग्विजय सिंह उनके बचाव में सामने आए हैं।
दिग्विजय सिंह ने दावा किया है कि बरैया ने कोई निजी टिप्पणी नहीं की, बल्कि पटना यूनिवर्सिटी के एक ब्राह्मण प्रोफेसर द्वारा लिखी गई किताब की बात दोहराई है। उन्होंने कहा कि बरैया के बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया है, जिससे बेवजह विवाद खड़ा किया जा रहा है।
Bhopal, Madhya Pradesh: In protest against Phool Singh Baraiya’s controversial remarks on women, Congress leader Digvijaya Singh says, "…He has himself said that these are not his thoughts and that he opposes them. If any action is to be taken, it should be based on the content… pic.twitter.com/vv20nAz1zO
— IANS (@ians_india) January 18, 2026
रिपोर्टरों से बात करते हुए दिग्विजय सिंह ने कहा, “उन्होंने बहुत साफ कहा था कि ये सारी बातें पटना यूनिवर्सिटी के फिलॉसफी विभाग के हेड प्रोफेसर झा द्वारा लिखी गई किताब में दर्ज हैं, जो एक ब्राह्मण हैं। यह उनकी अपनी टिप्पणी नहीं है।” दिग्विजय सिंह ने आगे कहा कि अगर कार्रवाई करनी है तो लेखक झा पर की जानी चाहिए, न कि बरैया पर, जिन्होंने सिर्फ किताब का हवाला दिया।
कॉन्ग्रेस के राज्यसभा सांसद ने यह भी कहा कि बरैया ने साफ तौर पर कहा था, “यह मेरी राय नहीं है, मैं इसके खिलाफ हूँ।” इसके बाद दिग्विजय सिंह ने सवाल उठाया, “अगर कार्रवाई करनी है तो आप झा के खिलाफ कर सकते हैं, लेकिन आप ऐसा नहीं करते। यह किताब राजकमल प्रकाशन ने छापी है, उनके खिलाफ भी कार्रवाई कर सकते हैं, लेकिन आप वो भी नहीं करते। आखिर क्यों?”
बरैया ने क्या दिया था बयान?
गौरतलब है कि दतिया जिले की भांडेर सीट से विधायक फूल सिंह बरैया ने शनिवार (17 जनवरी 2026) को एक इंटरव्यू के दौरान विवादित बयान दिया था। उन्होंने कहा था, “भारत में बलात्कार का सबसे ज्यादा शिकार कौन होता है? अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और ओबीसी। बलात्कार का सिद्धांत यह है कि अगर कोई पुरुष, चाहे उसकी मानसिक स्थिति कैसी भी हो, सड़क पर चलते हुए किसी खूबसूरत लड़की को देखता है, तो उसका ध्यान भटक सकता है और वह बलात्कार कर सकता है।”
इस बयान के बाद भारी विरोध शुरू हो गया। बरैया ने ‘रुद्रयामल तंत्र’ नाम की एक किताब का हवाला देते हुए कहा कि कुछ अपराधी यह मानते हैं कि खास जातियों की महिलाओं के साथ यौन शोषण करने से उन्हें तीर्थ यात्रा जैसा आध्यात्मिक फल मिलता है।
बरैया ने यह भी कहा कि समाज में महिलाओं को उनकी सुंदरता के आधार पर आँका जाता है। उन्होंने यह तक कह दिया कि किसी महिला की सहमति के बिना पुरुष रेप नहीं कर सकता।

