डोनाल्ड ट्रंप की ग्रीनलैंड पर कब्जे की धमकी से बिफरी यूरोपीय संसद, US के साथ व्यापार समझौते को रोकने की दिशा में बढ़ाए कदम: फरवरी में होगी वोटिंग

यूरोपीय संसद के वरिष्ठ सदस्य अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ग्रीनलैंड पर कब्जे की नई धमकियों के कारण EU-US व्यापार समझौते की पुष्टि रोकने की मुहिम चला रहे हैं। यह समझौता टैरिफ युद्ध टालने के लिए जुलाई 2025 में हुआ था, लेकिन अब ट्रंप की धमकियों को अंतरराष्ट्रीय नियमों और ट्रांस-अटलांटिक संबंधों पर सीधा हमला माना जा रहा है।

संसद की व्यापार समिति के अध्यक्ष जर्मन सोशल डेमोक्रेट बर्न्ड लांगे ने मुहिम शुरू की है। उन्होंने पत्रकारों से कहा कि ट्रंप के क्षेत्रीय दावों ने ‘पूरी स्थिति बदल दी है।’ लांगे ने आगे कहा, “हम जनवरी अंत में फरवरी में होने वाले वोट से पहले अपनी समिति में मूल्यांकन करेंगे और चर्चा करेंगे।”

डेनिश MEP पेर क्लॉजन ने संसद अध्यक्ष रोबर्टा मेट्सोला और राजनीतिक नेताओं को पत्र लिखकर समझौते को अनिश्चितकाल के लिए ‘फ्रीज’ करने की अपील की है। पत्र में कहा गया है कि अभी समझौता मंजूर करना ट्रंप की कार्रवाइयों को ‘पुरस्कृत’ करने जैसा होगा और ‘आग में घी डालने’ का काम करेगा।

ग्रीन्स MEP अन्ना कैवाजिनी ने कहा, “मौजूदा स्थिति में मैं कल्पना नहीं कर सकती कि MEP अमेरिका को फायदा देने वाले किसी व्यापार उपाय के लिए वोट करेंगे।” रिन्यू यूरोप की कैरिन कार्ल्सब्रो ने कहा कि बिना अमेरिकी गारंटी के EU का समर्थन ‘स्वतः मान्य नहीं’ है। सोशलिस्ट ब्रांडो बेनिफेई ने चर्चा को ‘अनिवार्य’ बताया।

ट्रंप की ग्रीनलैंड धमकियाँ वेनेजुएला पर हमले और वहाँ के राष्ट्रपति की गिरफ्तारी के बाद और गंभीर हो गई हैं। डेनिश प्रधानमंत्री ने कहा है कि अगर अमेरिका बलपूर्वक ग्रीनलैंड हड़पेगा तो NATO का पतन हो जाएगा।