पश्चिम बंगाल चुनाव के लिए 23 अप्रैल 2026 को पहले चरण में 152 सीटों पर मतदान होना है। मतदान से पहले चुनाव आयोग ने नए निर्देश जारी किए हैं। इन निर्देशों के मुताबिक EVM के बटन पर टेप, गोंद, स्याही, इत्र या किसी भी केमिकल लगाना सख्त मना है। चुनाव आयोग ने कहा कि इसे चुनावी अपराध माना जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
As per ECI Sources, ECI has issued instructions to all Presiding Officers to check and ensure that:
— ANI (@ANI) April 21, 2026
1. All candidate buttons on the EVM should be clearly visible, and no candidate button can be covered with tape, glue or any other material.
2. No colour, ink, perfume or other…
चुनाव आयोग ने अपने निर्देशों में साफ कहा कि EVM में सभई उम्मीदवारों के बटन साफ और स्पष्ट दिखाई देने चाहिए। किसी भी उम्मीदवार के बटन को टेप, गोंद या किसी अन्य चीज से ढका नहीं जा सकता। इसके अलावा बैलेट यूनिट के किसी भी उम्मीदवार के बटन पर रंग, स्याही, इत्र या कोई भी केमिकल नहीं लगाया जा सकता, क्योंकि इससे वोट की गोपनीयता प्रभावित हो सकती है।
ऐसा करने पर प्रिसाइडिंग ऑफिसर को निर्देश हैं कि वह सीधा सेक्टर ऑफियर या रिटर्निंग ऑफिसर को इसकी जानकारी देगा। चुनाव आयोग ने इस तरह की हरकत को EVM से छेड़छाड़ मानते हुए इसे चुनावी अपराध माना है।
चुनाव आयोग ने ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की चेतावनी दी है। ऐसे में चुनाव आयोग पूरे बूथ पर दोबारा मतदान कराने का फैसला भी ले सकता है।
मतदान खत्म होने से 48 घंटे पहले बाहरी नेता छोड़े क्षेत्र
इसके अलावा चुनाव आयोग ने 21 अप्रैल 2026 को चुनाव प्रचार खत्म होने के बाद सभी राजनीतिक दलों को भी निर्देश जारी किए हैं। चुनाव आयोग ने मतदान से 48 घंटे पहले चुनाव प्रचार करने पहुँचे बाहरी नेताओं को को क्षेत्र छोड़ने के निर्देश दिए हैं।
West Bengal Chief Electoral Officer has issued directives for implementation of the Representation of the People Act, 1951, saying, "All political functionaries, party workers, and supporters who are not electors of the concerned constituency and who have been brought from… pic.twitter.com/ra4VotJqqs
— ANI (@ANI) April 21, 2026
निर्देशों में यह भी कहा गया कि किसी भी अधिकारी की लापरवाही, गलत व्यवहार, पक्षपात या अपनी जिम्मेदारी निभाने में कमी को गंभीरता से लिया जाएगा और कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

