कर्नाटक के मंगलुरु में पुलिस ने सुरक्षा को लेकर एक बड़ा और मुस्तैद कदम उठाया है। पुलिस ने यहाँ एक निर्माणाधीन इमारत में बिना वैध पासपोर्ट और वीजा के रह रहे 8 बांग्लादेशी घुसपैठियों को अपनी हिरासत में लिया है। पुलिस प्रशासन अब इस बात की गहराई से जाँच कर रहा है कि इन लोगों को काम पर रखने और यहाँ तक पहुँचाने में किन लोगों का हाथ था।
मंगलुरु पुलिस को इस मामले में पहले ही एक गुप्त सूचना मिल गई थी। जानकारी मिलते ही पुलिस की टीम ने सुरथकल थाना क्षेत्र के मुक्का इलाके में चल रहे एक निर्माण स्थल पर अचानक छापेमारी की। वहाँ काम कर रहे सभी 54 मजदूरों के कागजातों की बारीकी से जाँच की गई। इस जाँच के दौरान 8 मजदूर ऐसे मिले जिनके पास भारत में रहने के लिए कोई भी जरूरी कानूनी दस्तावेज मौजूद नहीं था।
करीब तीन महीने पहले भारत आने की शुरुआती बात
पुलिस की शुरुआती पूछताछ में यह बात सामने आई है कि यह सभी लोग करीब तीन महीने पहले पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद रास्ते से भारत की सीमा में आए थे। इसके बाद ये लोग मंगलुरु पहुँच गए और पिछले दो महीनों से इस निर्माण स्थल पर मजदूरी का काम कर रहे थे। पुलिस इन सभी से पूछताछ कर रही है ताकि पूरी सच्चाई का पता लगाया जा सके।
जब पुलिस ने इन मजदूरों से सख्ती से पूछताछ की, तो उन्होंने अपने देश के राष्ट्रीय पहचान पत्र और जन्म प्रमाणपत्र जैसे असली दस्तावेज पुलिस के सामने पेश किए। इससे साफ हो गया कि वे बांग्लादेश के रहने वाले हैं। मंगलुरु पुलिस ने इस पूरे मामले की जानकारी तुरंत बेंगलुरु के विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय को दे दी है। अब कानूनी प्रक्रिया को पूरा करते हुए इन्हें वापस भेजने की तैयारी की जा रही है।
फर्जी कागजात बनाने वाले पूरे नेटवर्क की तलाश तेज
पुलिस को जाँच के दौरान यह भी पता चला कि इन लोगों को दूसरे राज्य के पते वाले कुछ स्थानीय पहचान पत्रों की रंगीन फोटोकॉपी भी दी गई थी। इसी के भरोसे वे यहाँ काम पा सके थे। पुलिस आयुक्त ने बताया कि वे इस मामले को बेहद गंभीरता से ले रहे हैं। पुलिस की टीमें अब उस पूरे नेटवर्क और मददगारों की तलाश कर रही हैं जिन्होंने इन लोगों को अवैध रूप से सीमा पार कराई और फर्जी कागजात तैयार करवाए।

