मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में भेल दशहरा मैदान में आयोजित ‘संविधान बचाओ-आरक्षण बचाओ जनाक्रोश महाआंदोलन’ विवादों में घिर गया है। अनुसूचित जाति, जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग संयुक्त मोर्चा द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में प्रदेशभर से हजारों लोग पहुँचे थे। मंच से वक्ताओं ने आरक्षण, संविधान और सामाजिक न्याय पर सरकार की नीतियों की आलोचना की, साथ ही विवादित IAS अधिकारी संतोष वर्मा के खिलाफ कार्रवाई वापस लेने की माँग उठाई।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य SC, ST और OBC समुदायों के अधिकारों की रक्षा था, लेकिन छतरपुर के चंदला से पूर्व विधायक आरडी प्रजापति के बयान ने पूरे आयोजन को विवादास्पद बना दिया। उनके बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
आरडी प्रजापति ने कथावाचकों पर बोलते हुए कहा, “एक कथावाचक विधवा माँ-बहनों को खाली प्लॉट कहते हैं। प्लॉट का मतलब जमीन होता है, जिसे 100 बार खरीदा और बेचा जाता है तो हम भी अपनी माँ-बहन को 100 बार बेचेंगे क्या? रजिस्ट्री करवाएँगे क्या? दूसरे एक आचार्य कहते हैं कि जिन महिलाओं की छाती से धूल उड़ने लगती है। 20-25 साल की लड़कियाँ कथाओं में जाकर अपनी जवानी उतारकर आती हैं। एक और वरिष्ठ कथावाचक माँ-बहनों को इंजॉय का साधन कहते हैं। ‘वंडरफुल इंस्ट्रूमेंट फॉर एंजॉय’ ये कहते हैं।”
उन्होंने आगे कहा, “मैं चाहता हूँ कि हमको फाँसी दी जाए, संतोष वर्मा जी को आईएएस से हटा दिया जाए, लेकिन पहले उन पर भी कार्रवाई हो जो व्यास पीठ से ऐसा बोलते हैं। इनको जूतों की माला पहनाकर नंगा घुमाया जाए।”
आदिवासियों पर बोलते हुए प्रजापति ने कहा, “पानी से मछली को निकाल दिया जाता है तो मर जाती है। इसी तरह आदिवासियों के जंगल काटो, अपने आप मर जाएँगे। इसलिए करोड़ों जंगल काटकर अडाणी को दे दिए हैं। इसलिए आदिवासियों की तो पहले ही हत्या हो जाएगी।”
उन्होंने कथावाचकों पर तंज कसते हुए कहा, “ये जो हमें कहते हैं कि गोबर खाओ, यूरिन पीओ और ये मलाई खाते हैं। हमारे यहाँ कुछ कथित बाबा और उद्योगपति देश को बर्बाद करने में लगे हुए हैं।”
आरडी प्रजापति पूर्व में भाजपा विधायक रह चुके हैं। उनके बेटे राजेश प्रजापति भी 2018-2023 तक भाजपा विधायक रहे। 2024 में उन्होंने समाजवादी पार्टी से टीकमगढ़ लोकसभा चुनाव लड़ा था, जिसमें हार मिली। वर्तमान में वे संपूर्ण बुंदेलखंड जन जागरण मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। उनके बयान से राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।

