टीएलपी ने दावा किया है कि रेंजर्स ने बख्तरबंद गाड़ियों से 70 से ज्यादा लोगों को कुचल दिया है। इसमें कई लोग घायल हुए हैं
STAGE 7
— Nepal Correspondence (@NepCorres) October 13, 2025
Internal Crisis in #Pakistan.
Stone pelting ongoing on lahore police. Local traders have closed Azam market, the largest cloth market of #Lahore. https://t.co/sltOzszhv8 pic.twitter.com/eBbJLte4ln
टीएलपी प्रमुख साद हुसैन रिजवी के नेतृत्व में लाहौर से आगे बढ़ रहे इस्लामी समूह के मार्च को रोकने के लिे सुरक्षा बलों ने लाठीचार्ज किया और आँसू गैस के गोले छोड़े।
यहाँ तक कि पाकिस्तान रेंजर्स ने भी कथित तौर पर टीएलपी कार्यकर्ताओं के साथ हाथापाई की। प्रदर्शनकारियों ने अर्धसैनिक बलों पर अत्याधुनिक हथियारों के इस्तेमाल का आरोप लगाया। टीएलपी फिलिस्तीन के समर्थन में शहबाज सरकार और इज़राइल के विरोध में प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी इस्लामाबाद जाने वाले रास्ते में कई पुलिसिया अवरोधों के बावजूद मुरीदके पहुँच गए और शिविर स्थापित कर लिया।
प्रदर्शनकारियों ने यातीम खाना चौक, चौबुर्जी, आजादी चौक और शाहदरा जैसे प्रमुख चौराहों पर बैरिकेड्स तोड़ दिए हैं। पुलिस ने खारियां में जीटी रोड पर वाहनों की आवाजाही रोकने के लिए गड्ढा खोद दिया। इतना ही नहीं प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए सराय आलमगीर में झेलम पुल के पास और चेनाब नदी के वजीराबाद की ओर भी गड्ढे खोदे गए।
टीएलपी ने पंजाब की मरियम नवाज सरकार पर प्रदर्शनकारियों पर जुल्म ढाहने का आरोप लगाया। तहरीक ए लब्बैक पाकिस्तान ने शुक्रवार 10 अक्टूबर को विरोध मार्च निकाला था। इसके बाद ये लगातार उग्र होता चला गया।

