पुलिस ने रविवार (7 दिसंबर 2025) की सुबह उप जिला के कुर्शा यूनियन के उत्तर रहीमापुर इलाके में उनके घर से लाशें बरामद की। जानकारी के मुताबिक, सुबह जब पड़ोसियों ने बार-बार आवाज लगाई, लेकिन दरवाजा नहीं खुला, तो सीढ़ियों के सहारे घर तक पहुँच कर उनका दरवाजा खोला गया।
पड़ोसियों ने देखा कि डाइनिंग रूम में जोगेश चंद्र रॉय की खून से सनी लाश पड़ी थी, जबकि किचन में सुवर्णा रॉय की लाश मिली। इसके तुरंत बाद पुलिस पहुँची और शव को पोस्टमार्टम के लिए नजदीक के अस्पताल में भेज दिया।
केयरटेकर दीपक चंद्र रॉय के मुताबिक, उनका परिवार पिछले 40-50 साल से जोगेश चंद्र रॉय के घर की देखभाल कर रहा था। हर दिन की तरह, वह रविवार सुबह काम पर वहाँ गया था। जब सुबह 7:00 बजे तक घर से कोई बाहर नहीं आया, तो उसे शक हुआ। आवाज लगाने पर भी कोई जवाब नहीं मिला, तो उसने पड़ोसियों को बताया।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, मृतक, जोगेश चंद्र रॉय, एक टीचर थे। वह 2017 में एक सरकारी प्राइमरी स्कूल के हेड टीचर के पद से रिटायर हुए थे।
उनके दो बेटे थे। बड़ा बेटा शोवेन चंद्र रॉय जॉयपुरहाट में रहता है, जबकि छोटा बेटा राजेश खन्ना चंद्र रॉय ढाका में पुलिस में काम करता है। दोनों पति-पत्नी अपने गाँव के घर पर अकेला रहते थे।
तारागंज पुलिस स्टेशन के सब-इंस्पेक्टर अबू चैयूम ने बताया कि शुरुआती जाँच से पता चलता है कि कपल की हत्या सिर पर वार करके की गई। घटना के पीछे का मकसद पता लगाने के लिए जाँच चल रही है।

