भारत को अपनी वैश्विक कहानी खुद बतानी होगी, चुप न रहें: गौतम अडानी, बोले- ऐसा न करने पर दूसरे लोग बदल देंगे हमारी कहानी

अडानी ग्रुप के अध्यक्ष गौतम अडानी ने शुक्रवार (10 अक्तूबर 2025) को व्हिसलिंग वुड्स इंटरनेशनल में छात्रों और मीडिया के सामने कहा कि भारत को अपनी वैश्विक पहचान और कहानी खुद तय करनी होगी। उन्होंने कहा, “चुप रहना विनम्रता नहीं, सरेन्डर है।”

अडानी ने उदाहरण देते हुए बताया कि फिल्में जैसे गाँधी और स्लमडॉग मिलेनियर भारत की कहानियों को विदेशी नजरिए से दिखाती रही हैं। उन्होंने 2023 में हिन्डेनबर्ग रिपोर्ट का जिक्र किया, जिसने अडानी ग्रुप के मार्केट मूल्य से 100 अरब डॉलर घटा दिए और इसे भ्रामक रिपोर्ट का वैश्विक हथियार बताया। अडानी ने कहा कि सत्य को भी जोर से बताया जाना चाहिए ताकि कोई और हमारी कहानी न लिख सके।

गौतम अडानी ने सिनेमा और AI तकनीक के जरिए भारत की कहानियों को वैश्विक स्तर पर फैलाने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भविष्य में AI-समर्थित फिल्में तुरंत बहुभाषी रिलीज, व्यक्तिगत कंटेंट और इंटरैक्टिव स्टोरीटेलिंग संभव बनाएँगी। उन्होंने युवा रचनाकारों को चेताया कि बड़ी रचनात्मक शक्ति के साथ जिम्मेदारी भी आती है। अडानी ने अमेरिकी फिल्मों जैसे टॉप गन और इंडिपेंडेंस डे का उदाहरण देते हुए बताया कि सही कहानी कैसे देश की शक्ति और पहचान को वैश्विक स्तर पर पेश कर सकती है।

गौतम अडानी ने कहा, “यदि हम अपनी कहानी नहीं बताएँगे, तो अन्य लोग इसे बदल देंगे। हमारी पीढ़ी को भारत की आवाज, गीत और कहानियाँ वापस लानी होंगी।”