लड़की की मौत पर राजनीति करने गए सपा नेताओं पर ग्रामीणों ने बरसाए पत्थर, पूर्व मंत्री समेत कई घायल: गाजीपुर का मामला

गाजीपुर के कटारिया गाँव में एक लड़की की नदी में डूबने से हुई मौत के बाद सियासी माहौल गर्म हो गया है। समाजवादी पार्टी का प्रतिनिधिमंडल पीड़ित परिवारों से एक बार फिर गाँव मिलने पहुँचा, जिसका ग्रामीणों ने विरोध किया। इस दौरान पत्थरबाजी हुई, जिसमें पूर्व मंत्री को चोट लगी। इस मामले में आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है।

बुधवार (22 अप्रैल 2026) को समाजवादी पार्टी का प्रतिनिधिमंडल अखिलेश यादव के निर्देश पर गाँव पहुँचा। लेकिन गाँव वालों ने घुसने नहीं दिया। ये लोग वहीं धरने पर बैठ गए। इस बीच कुछ घंटे बाद बवाल शुरू हो गया। दोनों तरफ से पथराव हुए, जिसमें एसपी के पूर्व मंत्री समेत कई लोग घायल हुए। यहाँ तक कि करंडा थाना अध्यक्ष सहित कई पुलिसकर्मी भी घायल हो गए।

लड़की की मिली थी लाश

दरअसल 16 साल की निशा विश्वकर्मा की लाश 15 अप्रैल 2026 को जमानिया पुल के नीचे गंगा नदी में लाश मिली थी। जाँच में लड़की के पुल से नदी में कूद कर जान देने की बात सामने आई। इसके बाद गाँव में तनाव का माहौल है। इस मामले में आरोपित हरिओम पांडेय को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। उस पर आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप है।

घटना को लेकर सोशल मीडिया में जातीय टिप्पणियाँ की गई और ब्राह्मण समाज को भरा बुरा कहा गया। इसका असर सामाजिक सौहार्द पर भी पड़ा।

पीड़ित परिवार से बीजेपी नेता और एमएलसी हंसराज विश्वकर्मा ने मुलाकात की और दोषियों को हर हाल में दंडित करने का आश्वासन दिया। इससे पहले समाजवादी पार्टी ने 20 अप्रैल 2026 को प्रदर्शन किया और दोषियों को पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज करने, विसरा जाँच कराने, परिजनों को सुरक्षा देने जैसी कई माँगों का ज्ञापन जिलाधिकारी अविनाश कुमार और एसपी डॉ. ईराज राजा को सौंपा।

इसके बाद फिर समाजवादी पार्टी का प्रतिनिधिमंडल पीड़ित परिवार से मिलना चाह रहा था। इस पर गाँव वालों ने रोका और दोनों तरफ से पथराव हुए। गाँव वालों का कहना है कि समाजवादी पार्टी के लोग माहौल खराब करना चाहते हैं।