इंडिगो पर कड़े एक्शन की तैयारी, दूसरी एयरलाइन्स को 5% फ्लाइट शेयर देने पर सरकार कर रही विचार: DGCA को नहीं बता पाई ‘संकट’ की वजह

इंडिगो को अब बड़ा झटका लगने वाला है क्योंकि सरकार ने एयरलाइन की फ्लाइट छीनने की योजना बना ली है। सरकार एयरलाइन के शेड्यूल से 5 प्रतिशत की कटौती कर सकती है, जिससे रोजाना 110 फ्लाइटें इंडिगो से छिन जाएँगी। सरकार इन फ्लाइटों को किसी दूसरी एयरलाइनों को देगी, जिसमें इसकी क्षमता है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अगर इस एक्शन से भी इंडिगो के हालात नहीं सुधरे तो आने वाले दिनों में एक और 5 प्रतिशत की अतिरिक्त कटौती भी की जा सकती है। सरकार का यह एक्शन एयरपोर्ट और सोशल मीडिया पर यात्रियों का फूट रहे गुस्से के बाद सामने आया है। हालाँकि, इसकी कोई पुष्टि नहीं हो सकी है।

बता दें कि सोमवार (09 दिसंबर 2025) को संसद में भी उड्डयन मंत्री के राम मोहन नायडू ने मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए कहा था कि इंडिगो पर ऐसी कार्रवाई होगी, जो भविष्य के लिए उदाहरण साबित होगी।

इंडिगो ने DGCA के नोटिस पर दिया जवाब

इंडिगो ने DGCA के कारण बताओ नोटिस का भी जवाब दिया है। जवाब में इंडिगो ने कहा कि इतनी बड़ी गड़बड़ी की ‘सटीक वजह’ बताना अभी संभव नहीं है, क्योंकि ऑपरेशन बहुत बड़ पैमाने पर होते हैं। हालाँकि, एयरलाइन ने गड़बड़ी के कुछ शुरुआती कारण बताए हैं, जिनमें:

  • छोटे तकनीकी मुद्दे
  • विंटर शेड्यूल बदलने का असर
  • खराब मौसम
  • एयर ट्रैफिक में बढ़ी भीड़
  • FDTL Phase-II यानी नए क्रू रोस्टर नियमों का प्रभाव

इंडिगो ने कहा कि FDTL नियम लागू होने में दिक्कतें थीं और वे DGCA से छूट माँग रहे थे। शुरुआती दिसंबर में इन सभी कारणों के मिल जाने से ऑन-टाइम परफॉर्मेंस गिरा, जिससे क्रू की उपलब्धता पर असर पड़ा। साथ ही इंडिगो ने यह भी कहा कि पूरी जाँच में समय लगेगा और DGCA के नियम भी 15 दिन की समय सीमा देते हैं।

इसके अलावा इंडियो ने यात्रियों को हुए परेशानी के लिए गहरा खेद जताया और माफी माँगी। साथ ही दावा किया कि सभी यात्रियों को समय पर जानकारी दी गई थी। भोजन, होटल, ट्रांसपोर्ट की सुविधा दी गई और ज्यादातर यात्रियों को रिफंड भी कर दिया गया।