हिजबुल्लाह ने 10 साल में बनाई 2 km लंबी सुरंगें, इजरायल को टारगेट करने के लिए जमा कर रखे थे रॉकेट लॉन्चर-हथियार: 450 टन विस्फोटक से पलभर में तबाह, देखिए Video

इजरायल ने लेबनान में हिजबुल्लाह की दो किलोमीटर लंबी दो सुरंगों को नष्ट कर दिया है। बताया जा रहा है कि ये सुरंगें हिजबुल्लाह ने ईरान की मदद से बनाई थी, जो इजरायल से सिर्फ 10 किलोमीटर की दूरी पर थी। मंगलवार (28 अप्रैल 2026) को इजरायल ने 450 टन के विस्फोटक का इस्तेमाल कर इन सुरंगों का खात्मा कर दिया।

IDF ने बताया कि ये दोनों सुरंगें अब तक की खोजी गईं सबसे लंबी सुरंगों में से एक थी, जो आपस में जुड़ी हुई नहीं थी बल्कि अलग-अलग थीं। ये सुरंगें 2 किलोमीटर लंबी और 25 मीटर गहरी थीं। इन सुरंगों को हिजबुल्लाह ने दक्षिण लेबनान के कांतारा शहर में बनाया गया था, जो इजरायल की सीमा से केवल 10 किलोमीटर की दूरी पर है।

टाइम्स ऑफ इजरायल के मुताबिक, IDF ने खुफिया जानकारी के आधार पर इन सुरंगों में छापेमारी की, जहाँ बड़ी मात्रा में हथियार मिले, जिनका इस्तेमाल हिजबुल्लाह लंबे समय तक रहने के लिए कर सकते थे। इनमें से एक सुरंग में लगभग 10 कमरे थे, जिनमें हर कमरें में कई बंकर बेड भी थे। IDF के अनुसार, कुल मिलाकर इन सुंरगों में लगभग 30 कमरे और 30 अलग-अलग शाफ्ट थे, जिनमें से कुछ में इजरायल पर निशाना साधने वाले रॉकेट लॉन्चर लगे हुए थे।

IDF का कहना है कि इन सुरंगों को बनाने में 10 साल का समय लगा था, जिसका मकसद बड़ी मात्रा में इजरायल की विद्रोही और हिजबुल्लाह के साथी ‘रादवां फोर्सेज’ के आतंकवादियों को पनाह देना था और उन्हें हथियार, संचार और बाकी जरूरत का सामान मुहैया करवाना था, जिससे इजरायल के कई शहरों पर हमले किए जाते। लेकिन IDF ने हिजबुल्लाह का मकसद पूरा नहीं होने दिया।

हालाँकि, IDF ने यह भी कहा कि इनमें से एक सुरंग का इस्तेमाल हिजबुल्लाह के रादवां फोर्सेज ने हाल ही में इजरायल के नागरिकों पर हमला करने के लिए किया था। IDF ने दावा किया कि इन सुरंगों को बनाने में ईरान का सबसे बड़ा हाथ है। ईरान ने ही इन सुरंगों की योजना बनाई और सीधे तौर पर इनकों बनाने के लिए पैसा भी दिया। IDF ने यह भी कहा कि ये सुरंगे साल 2024 में हुई लड़ाई के दौरान रब अल-जबल शहरों में स्थित एक बड़े अंडरग्राउंड नेटवर्क का हिस्सा थीं।

उधर, सीजफायर के बावजूद हिजबुल्लाह लगातार इजरायल पर हमले कर रहा है। IDF ने बताया कि विस्फोटक से भरे ड्रोन से इजरायली सैनिकों को कई बार निशाना बनाया गया है, जो उनके काफी पास फटे हैं लेकिन इससे कोई घायल नहीं हुआ है। हिजबुल्लाह ने कांतारा में भी इजरायली सेना पर हमला किया, जहाँ ये सुरंगे मिली थीं।

बता दें कि इजरायल और गाजा की लड़ाई में भी हमास के आंतिकयों ने इसी तरह गाजा पट्टी के नीचे सुरंग नेटवर्क बनाकर इजरायली सेना के खिलाफ जाल बिछाया था, जिसे ‘गाजा मेट्रो’ कहा गया। इजरायल ने इन सुरंगों को नष्ट किया लेकिन रिपोर्ट्स कहती हैं कि 80 प्रतिशत अभी बचे हो सकते हैं।