भारतीय कोस्ट गार्ड ने अंतरराष्ट्रीय तेल तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए समुद्र में तेल और तेल आधारित कार्गो के अवैध हस्तांतरण में शामिल एक संगठित अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। यह ऑपरेशन शुक्रवार (6 फरवरी 2026) को समुद्र और हवाई निगरानी के बाद अंजाम दिया गया, जो मुंबई से पश्चिम दिशा में लगभग 100 समुद्री मील दूर किया गया।
On 06 Feb 26, @IndiaCoastGuard busted an International oil-smuggling racket in a meticulously coordinated sea–air operation. The syndicate exploited mid-sea transfers in international waters to move cheap oil from conflict ridden regions to motor tankers, evading duties owed to… pic.twitter.com/erJ31U4xyH
— Indian Coast Guard (@IndiaCoastGuard) February 7, 2026
भारतीय कोस्ट गार्ड ने आधुनिक निगरानी तकनीक की मदद से अंतरराष्ट्रीय तेल तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। EEZ क्षेत्र में एक संदिग्ध मोटर टैंकर की गतिविधियों पर नजर रखी गई, जिसके बाद उसके रूट, मूवमेंट और समुद्री व्यवहार की गहन डिजिटल जाँच की गई। जाँच के दौरान दो अन्य जहाजों की असामान्य गतिविधियाँ भी सामने आईं, जिससे अवैध शिप-टू-शिप ऑयल ट्रांसफर की आशंका हुई।
गुरुवार (5 फरवरी 2026) को तटरक्षक बल ने तीनों जहाजों को रोककर बोर्डिंग टीम के जरिए दस्तावेज, नेविगेशन सिस्टम और क्रू से पूछताछ की। जाँच में दस्तावेजों और बयानों में गड़बड़ी पाई गई, जिससे तस्करी की पुष्टि हुई।
कोस्ट गार्ड के अनुसार, यह नेटवर्क संघर्ष प्रभावित क्षेत्रों से सस्ता तेल लेकर समुद्र के बीच अवैध रूप से ट्रांसफर करता था और कस्टम ड्यूटी व नियामक जाँच से बचता था, जिससे भारत समेत कई देशों को आर्थिक नुकसान हुआ।
PRO कमांडेंट अमित उनियाल ने बताया कि यह रैकेट कई देशों में फैले हैंडलर्स द्वारा संचालित किया जा रहा था। जहाज ट्रैकिंग से बचने के लिए अपने नाम और झंडे बार-बार बदलते थे। जहाजों के मालिक भी विदेशी नागरिक पाए गए हैं।
अवैध गतिविधियों की पुष्टि के बाद जहाजों को जब्त कर मुंबई लाया जा रहा है, जहाँ आगे की जाँच के बाद इन्हें कस्टम्स और अन्य एजेंसियों को सौंपा जाएगा। यह कार्रवाई समुद्र में तस्करी, आर्थिक अपराध और अंतरराष्ट्रीय अवैध नेटवर्क के खिलाफ भारत की तकनीकी और रणनीतिक ताकत को दर्शाती है।

