इससे भारत और कनाडा के रिश्तों में एक बार फिर तनाव की आशंका है। कनाडा से आए एक वीडियो में देखा जा सकता है कि तिरंगे का अपमान किया गया और नारेबाजी के साथ उग्र प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने भारत के नेताओं और सरकारी अधिकारियों को ‘मार डालो’ जैसे भड़काऊ नारे लगाए।
ये प्रदर्शन ओटावा के मेक्नाब कम्यूनिटी सेंटर के बाहर हुआ। एसएफजे ने दावा किया है कि दूरदराज के क्षेत्रों से लोग जुटे। पुलिस ने इस भीड़ को नियंत्रित किया लेकिन भारत विरोधी नारे लगाने या तिरंगे के अपमान पर चुप रही।
कार्यक्रम के दौरान सिख फॉर जस्टिस के आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू ने सैटेलाइट संदेश के जरिए समर्थकों को संबोधित किया। खालिस्तानी समर्थकों ने मतदान में भी हिस्सा लिया। इसे रेफरेंडम कहते हुए पन्नू ने खालिस्तान आंदोलन की सफलता बताया।
आतंकी पन्नू ने कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी और पीएम मोदी की जी-20 में हुई मुलाकात पर भी सवाल उठाया। दरअसल कनाडा और भारत लगातार आपसी तनाव भरे रिश्ते को कम करने की कोशिशों में लगे हैं। ऐसे में आतंकी संगठन के भारत विरोधी रवैये से रिश्ते में और खटास आ सकती है।

