भारतीय रेलवे ने पर्यावरण और जेब दोनों को राहत देने वाली एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। अहमदाबाद के साबरमती में देश की पहली LNG-डीजल डुअल-फ्यूल ट्रेन (DEMU) का सफल संचालन शुरू कर दिया गया है। करीब 2000 किलोमीटर के कड़े ट्रायल के बाद अब इस 8 कोच वाली ट्रेन को यात्रियों के लिए नियमित तौर पर ट्रैक पर उतार दिया गया है। यह तकनीक न केवल डीजल की खपत को 40% तक कम करेगी, बल्कि रेलवे के ‘नेट-जीरो’ उत्सर्जन लक्ष्य को पाने में भी मील का पत्थर साबित होगी।
डीजल के मुकाबले भारी बचत और दमदार परफॉर्मेंस
अहमदाबाद मंडल के अधिकारियों के मुताबिक, इस नई तकनीक से रेलवे के खर्च में क्रांतिकारी कमी आएगी। जहाँ पहले एक किलोमीटर के लिए 1.4 लीटर डीजल जलता था, वहीं अब महज 0.3 किलोग्राम LNG की जरूरत होगी।
गणित समझाते हुए अधिकारियों ने बताया कि 100 किलोमीटर की यात्रा का खर्च 12,000 रुपए से घटकर सिर्फ 3,000 रुपए रह जाएगा। सबसे अच्छी बात यह है कि इस बदलाव से इंजन की ताकत या रफ्तार पर कोई असर नहीं पड़ता, बल्कि एक बार टैंक भरने पर यह ट्रेन लंबी दूरी तय कर सकती है।
#WATCH | Ahmedabad, Gujarat: Indian Railways successfully operates India's first LNG (Liquefied Natural Gas) powered train.
— ANI (@ANI) January 31, 2026
Mandala Rail Manager, Western Railway, Ved Prakash says, "This is a unique initiative by the Indian Railways in which attempts are being made to use LNG… pic.twitter.com/l7L3vnktSL
पर्यावरण की रक्षा और भविष्य की बड़ी तैयारी
यह पहल प्रदूषण कम करने की दिशा में बड़ा कदम है, क्योंकि LNG के इस्तेमाल से कार्बन और अन्य जहरीली गैसों का उत्सर्जन काफी कम हो जाता है। रेलवे की योजना अब 8 और पावर कारों को इसी डुअल-फ्यूल सिस्टम में बदलने की है।
साबरमती में लगी देश की पहली LNG किट से सालाना प्रति ट्रेन करीब 24 लाख रुपए की बचत होने का अनुमान है। भारतीय रेलवे का लक्ष्य उन रास्तों पर इस तकनीक को विस्तार देना है जहाँ अभी बिजली की लाइनें नहीं बिछी हैं, ताकि वहाँ भी स्वच्छ और किफायती सफर सुनिश्चित किया जा सके।

