इंडिगो एयरलाइन में फ्लाइट्स के लगातार रद्द होने और देरी से यात्रियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। पिछले दो दिनों में 1500 से ज्यादा उड़ानें रद्द हुई हैं। इस संकट पर नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू ने Indigo पर भारी जुर्माना लगाने और सख्त कार्रवाई की बात कही है।
गृह मंत्री अमित शाह भी एक्शन में आए हैं। उन्होंने विमानन मंत्री से हालात की जानकारी ली है। इस बीच, DGCA ने पायलटों के वीकली रेस्ट से जुड़े नियम को अस्थायी तौर पर वापस ले लिया है। साथ ही, रेलवे ने भी यात्रियों को राहत देने के लिए स्पेशल ट्रेनें और 116 अतिरिक्त कोच चलाने का ऐलान किया है।

सरकार का कड़ा रुख और जाँच के आदेश
नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू ने इस मामले को हल्के में न लेने की बात कही है। उन्होंने इंडिगो, DGCA और एएआई के साथ बैठक की है। मंत्री ने इंडिगो की तैयारियों पर अपनी नाराजगी जताई।
गृह मंत्री अमित शाह ने भी फ्लाइट कैंसलेशन के मुद्दे पर नागरिक उड्डयन मंत्री रामगोपाल नायडू से बात की है। सरकार ने इंडिगो की अव्यवस्था की हाई-लेवल जाँच शुरू कर दी है। जाँच के बाद जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जाएगी। सरकार ने एयरलाइंस को यात्रियों को सही जानकारी देने और रिफंड/होटल स्टे सुनिश्चित करने को कहा है।
DGCA का तत्काल फैसला
DGCA (नागरिक उड्डयन महानिदेशालय) ने तुरंत एक्शन लेते हुए एक बड़ा कदम उठाया है। उसने फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन्स (FDTL) पॉलिसी को फिलहाल अस्थायी तौर पर होल्ड कर दिया है। यह फैसला ऑपरेशंस को फिर से पटरी पर लाने के लिए लिया गया है। DGCA ने पायलट एसोसिएशन को मदद के लिए खत भी लिखा है। इंडिगो को नाइट लैंडिंग से छूट भी दी गई है।
यात्रियों की परेशानी और कारण
देशभर के एयरपोर्ट्स पर यात्री बहुत परेशान हैं। दिल्ली और मुंबई एयरपोर्ट से सैकड़ों फ्लाइट्स रद्द की गई हैं। जम्मू एयरपोर्ट से इंडिगो की सभी फ्लाइट्स 60 घंटे के लिए सस्पेंड कर दी गई हैं।
कई एयरपोर्ट्स पर यात्रियों को जमीन पर सोते हुए और रोते हुए देखा गया है। एविएशन एक्सपर्ट सुभाष गोयल ने आरोप लगाया है कि इंडिगो ने पर्याप्त पायलटों की भर्ती नहीं की। नए रेस्ट रूल्स आने के बावजूद उन्होंने स्टाफ नहीं बढ़ाया। इससे यह संकट पैदा हुआ।

