महाराष्ट्र साइबर सेल ने सोशल मीडिया पर वायरल हुए ‘₹370 बिरयानी’ विवाद में बड़ा एक्शन लिया है। साइबर पुलिस ने स्टैंडअप कॉमेडियन प्रणित मोरे, हिमांशु जांगड़ा, डॉ सेजल पवार समेत अन्य लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है। यह मामला महाराष्ट्र साइबर पुलिस के नोडल साइबर पुलिस स्टेशन में FIR नंबर 36/2026 के तहत दर्ज किया गया है।
आरोपितों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की विभिन्न धाराओं और आईटी एक्ट की धारा 67 के तहत कार्रवाई की गई है। पुलिस ने प्रणित मोरे, हिमांशु जांगड़ा और डॉ. सेजल पवार को पूछताछ और बयान दर्ज कराने के लिए समन भी जारी किया है।
मामले में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा, “भारत के संविधान ने सभी को अभिव्यक्ति की आजादी दी है। लेकिन साथ ही, संविधान ने यह भी सुनिश्चित किया है कि इस आज़ादी का गलत इस्तेमाल न हो।”
उन्होंने आगे कहा, “मेरा मानना है कि मनोरंजन के तौर पर स्टैंड-अप कॉमेडी का मजा सभी लेते हैं, मैं भी लेता हूँ, लेकिन सिर्फ मनोरंजन के लिए सामाजिक मर्यादाओं को लाँघना और मानवीय गरिमा का उल्लंघन करना गलत है।”
क्या है ‘₹370 बिरयानी’ विवाद?
पूरा विवाद गुरुग्राम में आयोजित प्रणित मोरे के एक क्राउड-वर्क शो से शुरू हुआ। शो के दौरान दर्शकों के बीच मौजूद हिमांशु जांगड़ा ने अपनी डेटिंग से जुड़ा एक किस्सा सुनाया। हिमांशु ने कहा कि वह उसे डेट पर ले गया और ₹370 की बिरयानी खिलाई और जब वह लड़की जाने लगी तो हिमांशु ने सोचा कि बिरयानी के ₹370 तो वसूले ही नहीं।
वसूलने से हिमांशु का मतलब यहाँ लड़की के साथ शारीरिक संबंध बनाना था। इस किस्से पर प्रणीत मोरे जोर-जोर से हँसे और इसे पीक गुरुग्राम कंटेन्ट बताया। इतना ही नहीं प्रणीत मोरे ने सबसे बेहतरीन किस्सा सुनाने के लिए हिमांशु जांगरा को ₹5000 का इनाम भी दिया।
दूसरा वीडियो आया सामने, बढ़ा विवाद
विवाद तब और बढ़ गया जब इसी शो की एक अन्य क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हुई। शो में एक सेजल पवार नाम की डॉक्टर को मृत पुरुषों के गुप्तांग का मजाक बना रही है। सेजल पवार कहती है कि वह मुंबई के KEM अस्पताल में काम करती है, यहाँ अस्पताल में वे और उनकी साथी मृत पुरुषों के शवों का गुप्तांग का साइज की तुलना कर मजाक उड़ाती हैं।
इसके बाद यह मामला केवल एक कॉमेडी शो तक सीमित नहीं रहा, बल्कि महिलाओं के सम्मान, सहमति और सामाजिक जिम्मेदारी जैसे मुद्दों पर राष्ट्रीय बहस का विषय बन गया।
सोशल मीडिया से लेकर NSW तक पहुँचा मामला
वायरल वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएँ देखने को मिलीं। एक वर्ग ने इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और स्टैंडअप कॉमेडी का हिस्सा बताया, जबकि दूसरे वर्ग ने इसे महिलाओं और मृतकों के प्रति अपमानजनक एवं असंवेदनशील व्यवहार करार दिया।
बढ़ते विवाद के बीच राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने भी मामले का संज्ञान लिया। वहीं हिमांशु जांगड़ा की नौकरी जाने की खबरें सामने आईं, जबकि डॉ सेजल पवार के संस्थान ने उनके खिलाफ आंतरिक जाँच शुरू कर दी।
लगातार बढ़ती आलोचनाओं के बीच प्रणित मोरे ने अपना इंस्टाग्राम अकाउंट भी डिएक्टिवेट कर दिया। बाद में प्रणित मोरे, हिमांशु जांगड़ा और डॉ सेजल पवार तीनों ने सार्वजनिक रूप से माफी भी माँगी थी।

