ईरान में 28 दिसंबर 2025 से शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन अब देशव्यापी जनआंदोलन में तब्दील हो चुका है। गिरती अर्थव्यवस्था, बढ़ती महँगाई और रियाल की तेज गिरावट के खिलाफ सड़कों पर उतरी जनता को रोकने के लिए सरकार ने इंटरनेट सेवाएँ बंद कर दी हैं, कई इलाकों में हवाई क्षेत्र (एयरस्पेस) पर पाबंदियाँ लगाई गई हैं और सुरक्षा बलों की सख्त कार्रवाई जारी है। इन सब के बीच हिंसा बढ़ती जा रही है और मृतकों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिससे हालात और ज्यादा तनावपूर्ण हो गए हैं।
देशभर में हिंसक झड़पें, 42 की मौत, हजारों गिरफ्तार
ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट न्यूज एजेंसी (HRANA) के अनुसार, 28 दिसंबर 2025 से 8 जनवरी 2026 के बीच विरोध प्रदर्शनों में कम से कम 42 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें 29 प्रदर्शनकारी नागरिक, आठ सुरक्षा कर्मी और 18 वर्ष से कम उम्र के पाँच बच्चे व किशोर शामिल हैं।
नॉर्वे स्थित एनजीओ ईरान ह्यूमन राइट्स ने दावा किया है कि केवल बुधवार (7 जनवरी 2026) को ही 13 प्रदर्शनकारियों की जान गई। सरकारी कार्रवाई के तहत देशभर में अब तक 2,277 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार किए गए लोगों में कम से कम 166 नाबालिग और 48 कॉलेज छात्र बताए जा रहे हैं।
रिपोर्ट में यह भी आरोप लगाया गया है कि 45 मामलों में जबरन कबूलनामे लेकर उन्हें सरकारी मीडिया पर प्रसारित किया गया।
तेहरान समेत 46 शहरों में प्रदर्शन, इंटरनेट ब्लैकआउट
HRANA के अनुसार, बुधवार (7 जनवरी 2026) को 21 प्रांतों के कम से कम 46 शहरों में प्रदर्शन दर्ज किए गए। कुर्द बहुल क्षेत्रों, कुर्दिस्तान, पश्चिम अजरबैजान, केरमानशाह और इलाम में बाजार बंद और व्यापक हड़ताल की खबरें भी सामने आईं। हालात को काबू में रखने के लिए कुछ क्षेत्रों में एयरस्पेस पर अस्थायी पाबंदियों और उड़ानों पर असर पड़ने की भी रिपोर्ट है।
ऑनलाइन निगरानी संस्था नेटब्लॉक्स ने कहा है कि ईरान इस समय देशव्यापी इंटरनेट ब्लैकआउट का सामना कर रहा है। संस्था के मुताबिक, यह कदम विरोध प्रदर्शनों को दबाने के लिए उठाए गए डिजिटल सेंसरशिप उपायों का हिस्सा है, जिससे नागरिकों के संवाद के अधिकार पर गंभीर असर पड़ा है।
इंटरनेट बंद और सैटेलाइट सिग्नल जाम करने के कथित प्रयासों की आलोचना करते हुए निर्वासित ईरानी क्राउन प्रिंस रजा पहलवी ने यूरोपीय नेताओं से ईरानी जनता के समर्थन में आगे आने की अपील की।
Millions of Iranians demanded their freedom tonight. In response, the regime in Iran has cut all lines of communication. It has shut down the Internet. It has cut landlines. It may even attempt to jam satellite signals.
— Reza Pahlavi (@PahlaviReza) January 8, 2026
I want to thank the leader of the free world, President…
गौरतलब है कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान को पहले ही कड़ी चेतावनी दे चुके हैं। उन्होंने कहा है कि अगर ईरान लोगों की हत्या करता है तो अमेरिका बहुत सख्त कार्रवाई करेगा। इंटरनेट और संचार माध्यमों पर रोक, हवाई क्षेत्र से जुड़ी पाबंदियाँ, बढ़ती गिरफ्तारियाँ और मौतों का आँकड़ा यह दिखाता है कि ईरान में जारी विरोध अब केवल आर्थिक असंतोष नहीं, बल्कि सत्ता और जनता के बीच सीधे टकराव में बदल चुका है।

