इससे पहले 24 सितंबर 2025 को स्पेशल कोर्ट ने पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव, उनकी पत्नी और बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी तथा उनके बेटे और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव समेत अन्य आरोपितों को सोमवार (13 अक्टूबर 2025) को पेश होने का निर्देश दिया था।
कोर्ट ने लालू यादव से पूछा कि क्या वे अपना अपराध मानते हैं? इस पर लालू यादव समेत राबड़ी और तेजस्वी ने अपना अपराध मनाने से इनकार किया और कहा कि वे मुकदमे का सामना करेंगे जिन धाराओं के तहत आरोप तय किए है, उनमें IPC 420, IPC 120B शामिल हैं। वहीं प्रीवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट की धारा 13(2) और 13 (1)(d) सिर्फ लालू यादव पर लगे है।
दरअसल सीबीआई ने आरोप लगाया था कि पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार ने रिश्वत के तौर पर एक कीमती जमीन ली थी। यह जमीन उन्हें एक निजी कंपनी से रेलवे के ठेके देने के बदले में मिली थी। आरोपों के अनुसार, 2004 से 2009 के बीच जब लालू यादव रेल मंत्री थे, तब IRCTC के रांची और पुरी स्थित दो होटलों को सुजाता होटल्स नाम की कंपनी को लीज पर दिया गया।
सीबीआई का कहना है कि यह लीज एक गड़बड़ टेंडर प्रक्रिया के जरिए दी गई थी। इसके बदले, करोड़ों रुपए की जमीन लालू यादव की पत्नी राबड़ी देवी और बेटे तेजस्वी यादव से जुड़ी कंपनी को बहुत कम कीमत पर ट्रांसफर की गई। लालू यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव, प्रेम गुप्ता समेत IRCTC घोटाले में 14 आरोपित हैं।

