झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री और कॉन्ग्रेस नेता डॉ. इरफान अंसारी ने स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर विवादित बयान दे दिया। जामताड़ा जिले के नारायणपुर में सेवा के अधिकार सप्ताह कार्यक्रम के दौरान रविवार (23 नवंबर 2025) को उन्होंने लोगों से अपील की कि अगर कोई बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) वोटर लिस्ट से नाम काटने के लिए घर आए, तो उसे “घर में बंद कर दें या बंधक बना लें।”
इरफान अंसारी ने SIR को केंद्र सरकार की साजिश करार देते हुए कहा, “भाजपा वोटर लिस्ट से दलित, आदिवासी और अल्पसंख्यकों के नाम काट रही है। अगर BLO घर आए तो गेट में ताला लगाकर बंद कर दें। नाम काटने का काम बंद होना चाहिए।” अंसारी ने बिहार का उदाहरण देते हुए दावा किया कि वहाँ SIR से 65 लाख वोटरों के नाम कटे, जिससे कॉन्ग्रेस चुनाव हार गई। अंसारी ने लोगों को सतर्क रहने और दस्तावेज पर अँगूठा लगाने से पहले शिकायत करने की सलाह दी।
इस बयान पर भाजपा ने कड़ा हमला बोला। दिल्ली में भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने कहा, “इरफान अंसारी सार्वजनिक रूप से कहते हैं कि चुनाव आयोग द्वारा नियुक्त BLO अगर जानकारी माँगने आए, तो उसे बंधक बना लो। मैं इंडी गठबंधन से पूछता हूं: क्या यह लोकतंत्र को बंधक बनाने का निंदनीय प्रयास नहीं? क्या आपके नेता खुले तौर पर ऐसा कहेंगे कि पूछताछ करने वाले को बंधक बनाओ? संविधान खतरे में है। जहाँ भी इंडी गठबंधन सत्ता में आता है, वहाँ संविधान की भावना को नजरअंदाज किया जाता है, ताकि संदिग्ध स्रोतों से वोट बटोरकर सत्ता हथियाई जा सके।”
#WATCH | Delhi | BJP MP Sudhanshu Trivedi says, "Irfan Ansari, a Jharkhand minister, publicly says that if a booth-level officer, appointed by the Election Commission, comes to you simply to seek information, take him hostage. I want to ask the INDI alliance members: Is this not… pic.twitter.com/0JRSzmXYe8
— ANI (@ANI) November 24, 2025
इस मामले का चुनाव आयोग ने भी तुरंत संज्ञान लिया। आयोग ने झारखंड सरकार से मंत्री के बयान पर विस्तृत रिपोर्ट माँग ली है। ECI के एक अधिकारी ने कहा, “BLO चुनाव प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। किसी भी तरह का बाधा या हिंसा की अपील अस्वीकार्य है। जाँच के बाद उचित कदम उठाए जाएँगे।”
यह घटना SIR अभियान के बीच आई, जो वोटर लिस्ट को अपडेट करने के लिए चल रहा है। विपक्ष का आरोप है कि यह साजिश है, जबकि सरकार इसे पारदर्शिता का कदम मानती है।

