कोर्ट ने अलग-अलग अपराधों के लिए कुल 30 साल की सजा भी दी है और कहा कि ये सजा पूरी करने के बाद ही उम्रकैद लागू होगी। साथ ही आरोपित पर 2.35 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है। हालाँकि, अभियोजन पक्ष ने फाँसी की सजा की माँग की थी और फैसले के खिलाफ अपील करने की बात कही है।
मंगलवार (17 मार्च 2026) को कोर्ट ने जी संदीप को हत्या, सबूत मिटाने और गलत तरीके से रोकने जैसे कई अपराधों में दोषी ठहराया था। इसके अलावा उसे केरल हेल्थकेयर सर्विस पर्सन्स और हेल्थकेयर संस्थान एक्ट 2012 के तहत भी दोषी पाया गया।
दरअसल, 10 मई 2023 को कोल्लम के कोट्टारक्करा इलाके के एक सरकारी अस्पताल में ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर वंदना दास पर आरोपित ने हमला कर दिया था। पेशे से शिक्षक G संदीप ने इलाज के दौरान अचानक उग्र हो कर डॉक्टर पर 27 बार चाकू से वार किए, जिससे उनकी मौत हो गई।
कोर्ट ने इस मामले को रेयरेस्ट ऑफ रेयर नहीं मानते हुए फाँसी देने से इनकार किया। जज ने कहा कि आरोपित में सुधार की संभावना है, लेकिन सजा ऐसी होनी चाहिए जो अपराध की गंभीरता के अनुरूप हो और समाज में डर भी पैदा करे। इसलिए कोर्ट ने क्रमवार सजा चलाने का आदेश दिया।
फैसले के बाद विशेष लोक अभियोजक ने कहा कि वे ऊपरी अदालत में अपील कर फाँसी की माँग करेंगे। वहीं पीड़िता के पिता ने फैसले पर आंशिक संतोष जताया, लेकिन सजा को अपर्याप्त बताते हुए इसे बढ़ाने की माँग की।
क्या है पूरा मामला
10 मई 2023 की सुबह आरोपित G संदीप ने 112 पर कॉल कर अपनी जान को खतरा बताया। पुलिस जब उसे अस्पताल लेकर पहुँची, तो इलाज के दौरान उसने अचानक कैंची उठाकर पहले पुलिसकर्मियों पर हमला किया और फिर डॉक्टर वंदना दास पर ताबड़तोड़ वार कर दिए। बाद में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
डॉ वंदना दास कोट्टायम जिले की रहने वाली थीं और अपने माता-पिता की इकलौती संतान थीं। वह मेडिकल ट्रेनिंग के तहत कोट्टारक्करा अस्पताल में कार्यरत थीं।

