सालों से ममता सरकार ने लटका रखा था कोलकाता मेट्रो का जो प्रोजेक्ट, BJP सरकार आते ही मिल गई हरी झंडी: रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव बोले- सुलझ गई समस्या

बंगाल के कोलकाता में मेट्रो की ऑरेंज लाइन के चिंगरीघाटा सेक्शन को लेकर लंबे समय से चल रहा विवाद और निर्माण कार्य का ठहराव अब खत्म होने की दिशा में है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शुक्रवार  (15 मई 2026) को घोषणा की कि 366 मीटर लंबे इस महत्वपूर्ण हिस्से पर रुका हुआ निर्माण कार्य अब फिर से शुरू किया जा रहा है।

यह हिस्सा न्यू गरिया से एयरपोर्ट तक बनने वाली मेट्रो लाइन का अहम भाग है, जो कई वर्षों से विभिन्न प्रशासनिक और तकनीकी अड़चनों के कारण रुका हुआ था।

इस प्रोजेक्ट के रुकने की वजह मुख्य रूप से ट्रैफिक मैनेजमेंट, राज्य सरकार और मेट्रो प्रशासन के बीच समन्वय की कमी और कानूनी बाधाएँ रही हैं। चिंगरीघाटा क्षेत्र ईएम बाइपास जैसे व्यस्त मार्ग पर स्थित है, जहाँ निर्माण के लिए सड़क पर बड़े पैमाने पर ट्रैफिक रोकना जरूरी था, जिसे लेकर लगातार सहमति नहीं बन पा रही थी।

पुराना विवाद और कानूनी अड़चनें

इस परियोजना को लेकर पहले कलकत्ता हाई कोर्ट ने निर्देश दिया था कि ऑरेंज लाइन के इस हिस्से का काम 15 फरवरी 2026 तक पूरा किया जाए। लेकिन इस आदेश को राज्य सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी।

सरकार ने तर्क दिया था कि बड़े आयोजनों और रात के समय ट्रैफिक ब्लॉक लगाना व्यवहारिक रूप से कठिन है। इसी वजह से परियोजना पर काम लंबे समय तक अटका रहा। सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में राज्य सरकार और मेट्रो अधिकारियों को आपसी बातचीत कर समाधान निकालने के निर्देश दिए थे, ताकि परियोजना को आगे बढ़ाया जा सके।

काम फिर शुरू, ट्रैफिक डायवर्जन लागू

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी दी कि अब परियोजना को लेकर सभी जरूरी अनुमतियाँ मिल चुकी हैं, जिसमें कोलकाता पुलिस की मंजूरी भी शामिल है। उन्होंने बताया कि चिंगरीघाटा में दो महत्वपूर्ण गर्डर पिलर 317, 318 और 319 के बीच लगाए जाएँगे, जिसके लिए रात के समय सड़क पर ट्रैफिक ब्लॉक जरूरी होगा।

कोलकाता पुलिस ने इसके लिए ट्रैफिक डायवर्जन और आंशिक सड़क बंदी की घोषणा की है। मेट्रो अधिकारियों के अनुसार, निर्माण कार्य शुक्रवार रात 8 बजे से शुरू किया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि अगर काम तय समय पर चलता रहा तो दिसंबर 2026 तक इस सेक्शन में मेट्रो सेवा शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है।

इस काम के पूरा होने से कोलकाता में पूर्वी और उत्तरी हिस्सों के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होगी और लाखों यात्रियों को राहत मिलेगी।