इटली की 22 साल की लुक्रेशिया ने प्रयागराज माघ मेले में अपनाया सनातन, भजन-कीर्तन से मिलती है आंतरिक शांति: गुरु मनमौजी राम पुरी से ली दीक्षा

प्रयागराज के संगम तट पर चल रहे माघ मेले में इस बार श्रद्धा और आस्था के बीच एक विदेशी युवती खास आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। इटली से आई 22 वर्षीय लुक्रेशिया भारतीय आध्यात्मिक परंपराओं से इस कदर जुड़ चुकी हैं कि उन्होंने सनातन धर्म को अपना लिया है। अब लुक्रेशिया संगम की रेती पर दिन-भर भजन, कीर्तन और मंत्र साधना में लीन रहती हैं।

लुक्रेशिया ने बताया कि भारत आने के बाद उनका जीवन पूरी तरह बदल गया। वर्ष 2024 में राजस्थान यात्रा के दौरान भारतीय संस्कृति और अध्यात्म से उनका परिचय हुआ, लेकिन 2025 में महाकुंभ के दौरान प्रयागराज पहुँचने पर उन्होंने आस्था और श्रद्धा का ऐसा सैलाब देखा, जैसा उन्होंने पहले कभी नहीं देखा था। उसी अनुभव ने उन्हें सनातन धर्म की ओर आकर्षित किया।

महाकुंभ के दौरान उन्होंने अपने गुरु मनमौजी राम पुरी से दीक्षा ली। वर्तमान में वह माघ मेले के दौरान संगम लोअर मार्ग स्थित नेमिषारण्य आश्रम में रहकर साधना कर रही हैं। ‘जय सियाराम’, ‘हर हर महादेव’ के जयकारों के बीच वह मंत्रोच्चार सीख रही हैं और साधु-संतों के सान्निध्य में समय बिता रही हैं।

लुक्रेशिया का कहना है कि सनातन धर्म ने उन्हें आंतरिक शांति दी और जीवन को देखने का नया दृष्टिकोण दिया। गंगा तट का वातावरण, ध्यान और तपस्या ने उनके भीतर सकारात्मक बदलाव लाया है। अब वह भारतीय आध्यात्मिक परंपरा को अपने जीवन का स्थायी हिस्सा बनाना चाहती हैं।