मध्य प्रदेश के गुना जिले में ईस्टर के नाम पर आयोजित एक सभा में जनजातीय को प्रार्थना के जरिए बीमारी ठीक करने का दावा कर धर्मांतरण का प्रयास किया जा रहा था। यहाँ दो बकरे और 40 मुर्गे काटकर 300-400 लोगों के लिए भोज तैयार किया गया और चंगाई सभा के नाम पर लोगों को इकट्ठा किया गया।
सभा में शामिल लोगों से कहा गया कि प्रार्थना से बीमारी और नशा दोनों ठीक हो सकते हैं। कई ग्रामीणों ने बताया कि अस्पताल या पारंपरिक इलाज से राहत न मिलने पर उन्हें यहाँ बुलाया गया।
मेहंदी बाई और अन्य लोगों ने माना कि पहले झाड़-फूँक कराई, अब प्रार्थना के जरिए इलाज की उम्मीद दी है। आरोप है कि इस तरह एक अंधविश्वास की जगह दूसरा अंधविश्वास बैठाया जा रहा है।
गुना-चंगाई सभा की आड़ में धर्मांतरण का खेल
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स्थानीय लोगों के अनुसार मिशनरी से जुड़े लोग हर रविवार ऐसी सभाएँ कराते हैं और इसे मन परिवर्तन बताते हैं। ईस्टर पर हुई इस सभा का वीडियो वायरल होने के बाद संबंधित लोग गायब हो गए। हिंदू संगठनों ने इसे लालच देकर धर्मांतरण का जरिया बताया।
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— Hindu Garjana (@eHinduGarjana) April 7, 2026
इससे पहले भी पिछले दो दशकों से मिशनरी गतिविधियाँ यहाँ सक्रिय हैं। 2017 में भी अवैध निर्माण पर कार्रवाई कर गिरजाघरों को सील किया गया था। प्रशासन ने अब मामले की जाँच शुरू कर दी है और रिपोर्ट के आधार पर आगे कार्रवाई की बात कही है।

