‘स्कूली बच्चों को सिलेबस में पढ़ाओ अंबेडकर’: मद्रास HC ने तमिलनाडु सरकार को दिया आदेश, बाबा साहेब के पोस्टर के साथ अभद्रता से जुड़ा है मामला

मद्रास हाई कोर्ट की मदुरै बेंच ने तमिलनाडु सरकार को कक्षा 3 से 10 तक के सामाजिक विज्ञान पाठ्यक्रम में डॉ बीआर अंबेडकर से जुड़े अध्याय शामिल करने का निर्देश दिया है।

जस्टिस एल विक्टोरिया गौरी ने 30 अप्रैल 2026 को दिए फैसले में कहा कि छात्रों को डॉ अंबेडकर की संविधान निर्माण समिति के अध्यक्ष के रूप में भूमिका, न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व के सिद्धांतों में उनके योगदान के बारे में पढ़ाया जाना चाहिए।

इसके अलावा स्वतंत्रता आंदोलन, राष्ट्र निर्माण और कानून, अर्थशास्त्र व सामाजिक चिंतन में उनके कार्यों के बारे में भी जानकारी देनी चाहिए। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यह निर्देश ‘संवैधानिक शिक्षा’ के उद्देश्य से है, न कि किसी राजनीतिक महिमामंडन के लिए।

कोर्ट ने राज्य सरकार से 2027-28 शैक्षणिक सत्र से बदलाव लागू करने का प्रयास करने को कहा है। यह आदेश 2018 में शिवगंगई जिले में डॉ अंबेडकर का पोस्टर फाड़ने, उस पर पेशाब करने और वीडियो व्हाट्सऐप पर फैलाने के मामले की सुनवाई के दौरान आया।

आरोपितों पर एससी-एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज था। समझौते के बावजूद कोर्ट ने पहले आरोपितों को अंबेडकर पर किताबें पढ़ने, छात्रों में पुस्तकें बाँटने और सामाजिक सुधारात्मक कदम उठाने का निर्देश दिया। बाद में आरोपितों के पछतावे और शिकायतकर्ता की सहमति को देखते हुए कोर्ट ने आपराधिक कार्यवाही रद्द कर दी।