‘CM फडणवीस की पत्नी का रेप क्यों नहीं करते?’: सिंगर अंजलि भारती के शर्मनाक बयान के बाद उठी गिरफ्तारी की माँग, BJP-महिला आयोग ने बताया ‘मानसिक दिवालियापन’

महाराष्ट्र की राजनीति में एक बेहद घटिया और शर्मनाक बयान ने बवाल मचा दिया है। खुद को विद्रोही सिंगर बताने वाली अंजलि भारती ने एक सार्वजनिक मंच से मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की पत्नी अमृता फडणवीस के खिलाफ जहर उगलते हुए बलात्कारियों को उकसाया है।

अंजलि ने खुलेआम कहा, “मैं बलात्कारियों से कहना चाहती हूँ कि लड़कियों को निशाना बनाने के बजाय, तुम जाकर मुख्यमंत्री की पत्नी का रेप क्यों नहीं करते?” इस बयान का वीडियो वायरल होते ही राज्य भर में गुस्सा है। महिला आयोग ने मामले का संज्ञान लिया है और बीजेपी सहित अन्य दलों ने इसे ‘मानसिक दिवालियापन‘ बताया है।

हिंदू आईटी सेल के संस्थापक रमेश सोलंकी ने अंजलि भारती के बयान को ‘राजनीतिक गंदगी का नया निचला स्तर’ करार दिया। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि यह कोई ‘फ्री स्पीच’ (बोलने की आजादी) नहीं है, बल्कि एक महिला के खिलाफ यौन हिंसा के लिए आपराधिक उकसावा है। सोलंकी ने प्रशासन से अपील की है कि इस मामले में तुरंत संज्ञान लेकर अंजलि भारती के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।

रामदास अठावले बोले- ‘यह मानवता पर कलंक है’

केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने इस बयान पर कड़ी नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा कि राजनीति में विचारों का युद्ध होना चाहिए, लेकिन शब्दों का प्रदर्शन इतना गंदा नहीं होना चाहिए। अठावले ने कहा, “एक महिला का दूसरी महिला के लिए ऐसे अश्लील शब्दों का इस्तेमाल करना विकृति है। अमृता जी एक खौफनाक हमला झेलने के बावजूद एक मजबूत व्यक्तित्व हैं, उन्हें इस तरह लक्ष्य करना महाराष्ट्र की संस्कृति नहीं है।”

रामदास अठावले ने आगे कहा कि आंबेडकरी आंदोलन हमेशा महिलाओं का सम्मान करना सिखाता है, और ऐसी प्रवृत्तियों को तुरंत कुचल देना चाहिए।

महिला आयोग और बीजेपी का कड़ा रुख

राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष रूपाली चाकणकर ने कहा है कि यह बयान न केवल आपत्तिजनक है बल्कि समाज में हिंसा फैलाने वाला है। आयोग ने अंजलि भारती को नोटिस भेजने और जाँच के बाद कार्रवाई करने की बात कही है। वहीं, बीजेपी की महिला विंग की अध्यक्ष चित्रा वाघ ने इसे एक महिला की गरिमा पर सीधा हमला बताया और सिंगर की गिरफ्तारी की माँग की है। शिवसेना (UBT) की किशोरी पेडणेकर ने भी इसे ‘घिनौनी भाषा’ कहकर इसकी निंदा की है।