बंगाल चुनाव की तारीखों के ऐलान से ठीक पहले ममता बनर्जी ने खेला धार्मिक कार्ड, पुरोहितों और मुअज्जिनों की सैलरी बढ़ाई: नए आवेदन भी किए मंजूर

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव की तारीखों के ऐलान से महज कुछ घंटे पहले मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बड़ा धार्मिक और मजहबी कार्ड खेल दिया है। रविवार (15 मार्च 2026) को उन्होंने पुरोहितों और मुअज्जिनों की मासिक मानदेय में ₹500 की बढ़ोतरी कर उसे ₹2000 कर दिया। साथ ही सभी नए आवेदनों को भी मंजूरी दे दी। राजनीतिक विश्लेषक इसे चुनावी हार के डर से खेला गया आखिरी दाँव बता रहे हैं।

ममता बनर्जी ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर लिखा, “मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि हमारे पुरोहितों और मुअज्जिनों को मिलने वाले महीने के मानदेय में ₹500 की बढ़ोतरी की गई है। इस बदलाव के साथ उन्हें अब हर महीने ₹2,000 मिलेंगे।” उन्होंने कहा कि यह कदम उन लोगों के आध्यात्मिक और सामाजिक जीवन को बनाए रखने के लिए उठाया गया है जो दोनों समुदायों की सेवा करते हैं।

मुख्यमंत्री ने आगे बताया कि पुरोहितों और मुअज्जिनों द्वारा सही तरीके से जमा किए गए सभी नए आवेदनों को राज्य सरकार ने मंजूरी दे दी है। अब बड़ी संख्या में नए लाभार्थी भी ₹2000 मासिक मानदेय का लाभ उठा सकेंगे। ममता ने लिखा, “हमारा प्रयास यह सुनिश्चित करना है कि हमारे समुदाय के आध्यात्मिक और सामाजिक जीवन को बनाए रखने वाले इन सेवकों को वह मान्यता और समर्थन मिले जिसके वे हकदार हैं।”

इसी दिन ममता बनर्जी ने राज्य के सभी कर्मचारियों, पेंशनरों, शिक्षकों और नॉन-टीचिंग स्टाफ को भी बड़ा तोहफा दिया। उन्होंने घोषणा की कि मार्च 2026 से ROPA 2009 के तहत महँगाई भत्ते का एरियर भुगतान शुरू हो जाएगा। वित्त विभाग की अधिसूचना जारी कर दी गई है।

चुनाव आयोग ने पाँच राज्यों के चुनाव कार्यक्रम की घोषणा कर दी है। आदर्श आचार संहिता लागू होने से पहले यह ऐलान किया गया। आलोचकों का कहना है कि ममता बनर्जी ने हिंदू पुरोहितों और मुस्लिम मुअज्जिनों दोनों को खुश करके वोट बैंक को साधने की कोशिश की है।