वडोदरा की महाराजा सयाजीराव यूनिवर्सिटी (एमएसयू) के कला संकाय के अंग्रेजी विभाग ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी-2020) के तहत एक नया बीए अंग्रेजी माइनर कोर्स शुरू किया है। इस कोर्स में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वीर सावरकर की किताबों के साथ-साथ स्वामी विवेकानंद की रचनाएँ और वेद-उपनिषदों के अंग्रेजी अनुवाद भी शामिल किए गए हैं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, नए पाठ्यक्रम का नाम ‘भारत पर आधारित गैर-काल्पनिक रचनाओं का विश्लेषण और समझ’ है। यह कोर्स शैक्षणिक सत्र 2025-26 से लागू हो गया है और मौजूदा सेमेस्टर में 63 छात्रों ने इसे माइनर सब्जेक्ट के रूप में चुना है। यह कोर्स बीए तीसरे वर्ष के छात्रों के लिए है और कुल 60 घंटे का होगा।
पाठ्यक्रम को चार इकाइयों में बाँटा गया है। पहली इकाई में पीएम मोदी की किताब ‘ज्योतिपुंज’ पर जीवनी लेखन का अध्ययन होगा। दूसरी इकाई में वीर सावरकर की आत्मकथा ‘इनसाइड द एनिमी कैंप’ शामिल है, जिसमें उनके व्यक्तिगत अनुभव और कारावास की चर्चा की जाएगी।
तीसरी इकाई में पंडित दीनदयाल उपाध्याय की ‘एकात्म मानववाद’ से चुने गए निबंध और व्याख्यान पढ़ाए जाएँगे। यहाँ सांस्कृतिक पुनर्जागरण, समग्र विकास और स्वदेशी सामाजिक-राजनीतिक विचारधारा पर फोकस रहेगा।
चौथी इकाई में स्वामी विवेकानंद की ‘पूर्व और पश्चिम’, पीएम मोदी के ‘मन की बात’ के चुने अंश, गुजराती साहित्य के अंग्रेजी अनुवाद और वेद-उपनिषद शामिल हैं। इसमें भारत का वैश्विक संवाद, राष्ट्रीय संचार, सामाजिक जागरूकता और भाषा की भूमिका पर चर्चा होगी।
इस बारे में एमएसयू अंग्रेजी विभाग के प्रमुख प्रोफेसर हितेश राविया ने दिव्य भास्कर को बताया कि यह पाठ्यक्रम अंग्रेजी अध्ययन को भारत की राष्ट्रीय प्राथमिकताओं से जोड़ने की एक शैक्षणिक पहल है। इसमें राष्ट्रवाद, सांस्कृतिक विचारधारा और भारतीय बौद्धिक परंपरा शामिल हैं। इसके अलावा गुजराती साहित्य के साथ-साथ वेदों और उपनिषदों के अंग्रेजी अनुवाद भी शामिल किए गए हैं।

