रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गुजरात के साधली गाँव में आयोजित ‘यूनिटी मार्च’ में दावा किया कि स्वतंत्र भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू अयोध्या में बाबरी मस्जिद का पुनर्निर्माण सरकारी धन से कराना चाहते थे लेकिन तत्कालीन गृह मंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल ने इस प्रस्ताव का कड़ा विरोध किया था।
राजनाथ सिंह के अनुसार, सरदार पटेल का स्पष्ट मत था कि धार्मिक स्थलों पर सरकारी धन खर्च नहीं होना चाहिए। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण में जनता के दान से जुटाए गए 30 लाख रुपए लगे थे, ना कि इसमें सरकारी पैसा लगा था।
राजनाथ सिंह ने कहा, “जब पंडित जवाहरलाल नेहरू ने बाबरी मस्जिद के मुद्दे पर सरकारी खजाने से पैसा खर्च करने की बात जब छेड़ी थी, सरकारी खजाने के पैसे से बाबरी मस्जिद बनाई जानी चाहिए। उसका भी विरोध सरदार पटेल ने ही किया था।”
"NEHRU WANTED TO USE TAX PAYERS MONEY TO BUILD BABRI MASJID!"
— Rahul Shivshankar (@RShivshankar) December 3, 2025
Defence Minister Rajnath Singh's big revelation. The minister said it would have happened had Sardar Patel not put his foot down as he was against appeasement politics. pic.twitter.com/0szxk6MYvo
उन्होंने कहा कि सोमनाथ मंदिर की तरह ही अयोध्या के राम मंदिर निर्माण में भी सरकार का पैसा नहीं लगा है और इसका पूरा खर्च जनता ने उठाया है। राजनाथ सिंह ने यह भी दावा किया है कि सरदार पटेल के निधन के बाद उनके स्मारक के लिए जनता की जुटाई राशि को पंडित नेहरू ने ‘कुएं और सड़क निर्माण’ में लगाने का सुझाव दिया था, जो बिल्कुल बेतुका था।
राजनाथ सिंह साधली गाँव में सरदार पटेल की 150वीं जयंती को लेकर गुजरात सरकार के यूनिटी मार्च में शामिल हुए थे। यह मार्च सरदार पटेल के जन्मस्थान करमसाड़ से स्टैच्यू ऑफ यूनिटी तक निकाला जा रहा है और यह 6 दिसंबर को समाप्त होगा।

