पूर्व भाजपा प्रवक्ता नूपुर शर्मा ने शनिवार (14 मार्च 2026) को कहा कि वह आज जीवित हैं क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की। दिल्ली में सेवा भारती के दिल्ली चैप्टर द्वारा आयोजित ‘महिला सम्मेलन’ में बोलते हुए नूपुर शर्मा ने पिछले कई वर्षों में झेली गई कठिनाइयों और चुनौतियों के बारे में भी बताया।
आजादी खोकर जीते हुए मुझे 4 साल हो गए।
— Panchjanya (@epanchjanya) March 15, 2026
अगर आज मैं जीवित हूँ, सांस ले रही हूं,
और सुरक्षित हूं तो केवल इसलिए हूं क्योंकि इस देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं और गृहमंत्री अमित शाह हैं।
: नूपुर शर्मा pic.twitter.com/PHe3uRHwjA
उनका कहना है कि वह चार साल से बिना आजादी के रह रही हैं
सभा को संबोधित करते हुए नूपुर शर्मा ने कहा कि शायद ही कोई महिला ऐसी पीड़ा भरा जीवन जी रही होगी जैसा वह जी रही हैं। उन्होंने बताया कि पिछले चार वर्षों से वह अपनी स्वतंत्रता खोकर जीवन जी रही हैं, लेकिन देश के नेतृत्व द्वारा मिली सुरक्षा और समर्थन की वजह से वह आज जीवित और सुरक्षित हैं।
उन्होंने कहा, ‘मुझे नहीं लगता कि कोई बहन मुझसे ज्यादा पीड़ादायक जीवन जी रही होगी। चार साल हो गए हैं, जब से मैं अपनी आजादी खोकर जीवन जी रही हूँ। लेकिन अगर आपकी यह बहन आज यहाँ साँस ले रही है, जिंदा और सुरक्षित है, तो यह केवल इसलिए संभव है क्योंकि इस देश में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र भाई मोदी और आदरणीय गृह मंत्री अमित भाई शाह हैं।”
अपनी सुरक्षा के लिए टॉप लीडरशिप को क्रेडिट दिया
नूपुर शर्मा ने आगे कहा कि यदि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री द्वारा सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की गई होती, तो आज न तो वह जीवित होतीं और न ही उनका परिवार। उन्होंने कहा, “अन्यथा आज आपकी यह बहन भी जीवित नहीं होती और न ही उसका परिवार।”
टीवी डिबेट के दौरान नूपुर शर्मा के बयान को ऑल्ट न्यूज के मोहम्मद जुबैर ने तोड़-मरोड़कर पेश किया
मोहम्मद जुबैर, जो खुद को फैक्ट-चेकर बताते हैं और प्रोपेगेंडा वेबसाइट ऑल्ट न्यूज के सह-संस्थापक हैं, उन्होंने उन घटनाओं की श्रृंखला शुरू करने में केंद्रीय भूमिका निभाई जिसके बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने नूपुर शर्मा को निलंबित कर दिया। इसके बाद नूपुर शर्मा का समर्थन करने पर कन्हैया लाल और उमेश कोल्हे की हत्या कर दी गई और देश के कई हिस्सों में उनके खिलाफ दंगे भी हुए।
मई 2022 में नूपुर शर्मा टाइम्स टाइम्स नाउ के एक टीवी डिबेट में शामिल हुई थीं। इस बहस के दौरान पैनलिस्ट तस्लीम अहमद रहमानी ने भगवान शिव के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। इसके जवाब में नूपुर शर्मा ने कुछ धार्मिक ग्रंथों का हवाला दिया।
इस मुद्दे पर विवाद जरूर हुआ, लेकिन मोहम्मद जुबैर ने बहस का वीडियो काट-छांट कर ऐसा दिखाया, मानो नूपुर शर्मा ने पैगंबर मोहम्मद और इस्लाम का अपमान किया हो, जबकि रहमानी की टिप्पणी को वीडियो से हटा दिया गया।
जुबैर की इस हरकत ने देशभर में धार्मिक तनाव को भड़काने का काम किया। उनका तथाकथित ‘फैक्ट-चेक’ दरअसल एक सोची-समझी उकसाने वाली कार्रवाई थी, जिसने नूपुर शर्मा के साथ-साथ उनके समर्थन में बोलने वाले आम लोगों जैसे कन्हैया लाल और उमेश कोल्हे को भी निशाने पर ला दिया।
जुबैर की इस कार्रवाई के बाद इस्लामी कट्टरपंथियों के बीच उन्माद फैल गया और कई लोगों ने खुलेआम हिंसा की धमकियाँ दीं, यहाँ तक कि ‘सर तन से जुदा’ के नारे के साथ सिर कलम करने की माँग भी की।
तब से नूपुर शर्मा सुरक्षा के बीच जीवन जी रही हैं, जबकि तस्लीम अहमद रहमानी खुलेआम घूमते हुए टीवी बहसों में हिस्सा लेते रहते हैं।

