अब ऊर्जा सुरक्षा में आत्मनिर्भरता बनने की ओर बढ़ेगा भारत, ONGC गहरे समुद्र में शुरू करेगा सबसे बड़ा तेल ड्रिलिंग प्रोजेक्ट: ₹1.5 लाख करोड़ का प्लान तैयार

ONGC यानी ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉर्पोरेशन ने गहरे पानी में तेल और गैस की खोज के लिए $18-20 अरब यानी ₹1.5 लाख करोड़ से अधिक के निवेश की योजना बनाई है। इसके लिए ग्लोबल टैंडर जारी किया गया है। कंपनी के इतिहास का ये सबसे बड़ा प्रोजेक्ट माना जा रहा है।

20 मार्च को मुंबई में प्री बिड मीटिंग हुई, जिसमें एक दर्जन ड्रिलिंग कंपनियों ने इसमें हिस्सा लिया। कंपनी ने फरवरी में यह टेंडर जारी किया था। इस टेंडर में ड्रिलशिप और सेमी सबमर्सिबल रिग्स शामिल हैं। कंपनी ने रिग्स की तैनाती के लिए 80 दिनों का समयसीमा तय किया है।

दरअसल ये मिशन मोदी सरकार के ‘समुद्र मंथन’ मिशन का हिस्सा है जिसका मकसद देश में ऊर्जा सुरक्षा को सुनिश्चित करना है। इसके तहत हाइड्रोकार्बन्स की खोज की जाएगी।

ओएनजीसी के मुताबिक, कंपनी केजी बेसिन ब्लॉक पर काम कर रही है। इसके अलावा अंडमान द्वीप समूह के अल्ट्रा डीप वाटर ड्रिलिंग ऑपरेशन शुरू की गई है। कंपनी इस काम में माहिर वैश्विक कंपनियों पेट्रोब्रास, टोटल एनर्जी, एक्सोनमोबिल जैसी कंपनियों के साथ रणनीतिक सहयोग कर रही है।