अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और अन्य वरिष्ठ अमेरिकी नेताओं की हत्या की साजिश रचने के मामले में एक पाकिस्तानी नागरिक आसिफ मर्चेंट को अदालत ने दोषी करार दिया है। अमेरिकी न्याय विभाग (DOJ) के अनुसार, यह साजिश 2020 में ईरानी कमांडर कासिम सुलेमानी की हत्या का बदला लेने के लिए रची गई थी। आसिफ को ‘मर्डर फॉर हायर’ (सुपारी देकर हत्या) और अंतरराष्ट्रीय सीमाओं के पार आतंकी हमले की योजना बनाने जैसे गंभीर अपराधों का दोषी पाया गया है।
निशाने पर थे ट्रंप और जो बाइडन
अमेरिकी अभियोक्ताओं ने अदालत में सनसनीखेज खुलासा करते हुए बताया कि आसिफ मर्चेंट की यह योजना साल 2024 में अंजाम दी जानी थी। उसके निशाने पर केवल डोनाल्ड ट्रंप ही नहीं, बल्कि राष्ट्रपति जो बाइडन और रिपब्लिकन नेता निक्की हेली जैसे हाई-प्रोफाइल नाम भी शामिल थे। जाँचकर्ताओं के अनुसार, यह पूरी साजिश ईरानी अधिकारियों के इशारे पर तैयार की गई थी ताकि सुलेमानी की मौत का हिसाब चुकता किया जा सके।
Pakistani national Asif Merchant convicted in a US court on terrorism and murder-for-hire charges in connection with an alleged Iranian-backed plot to kill American politicians, including Trump. Docs show he apparently received training in Pakistan. pic.twitter.com/0Ra2o1IqED
— Sidhant Sibal (@sidhant) March 7, 2026
ऐसे फेल हुई ‘किलिंग’ की प्लानिंग
आसिफ मर्चेंट ने इस काम को अंजाम देने के लिए अमेरिका के भीतर ही लोगों की भर्ती करने की कोशिश की थी। अप्रैल 2024 में उसने एक व्यक्ति से संपर्क किया, लेकिन किस्मत खराब रही कि उस व्यक्ति ने तुरंत अमेरिकी अधिकारियों को इसकी सूचना दे दी।
इसके बाद वह व्यक्ति ‘खबरी’ बनकर पुलिस के लिए काम करने लगा और आसिफ के हर कदम की जानकारी प्रशासन को देने लगा। साल 2024 में ही उसे गिरफ्तार कर लिया गया था। ट्रायल के दौरान आसिफ ने कबूल किया कि उसके संबंध ईरान की ‘इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स’ (IRGC) से थे।
मजबूरी और परिवार का डर
अदालत में सुनवाई के दौरान आसिफ मर्चेंट ने अपना बचाव करते हुए एक अलग कहानी सुनाई। उसने दावा किया कि उसे इन चर्चाओं में जबरन शामिल किया गया था और वह ऐसा नहीं करना चाहता था।
उसने कहा कि तेहरान में रह रहे उसके परिवार की सुरक्षा को लेकर उसे डराया गया था। आसिफ ने यह भी तर्क दिया कि उसे किसी एक व्यक्ति को मारने का सीधा आदेश नहीं मिला था, बल्कि बातचीत के दौरान तीन संभावित लक्ष्यों (Targets) के नाम लिए गए थे।
ईरान का इनकार और बढ़ता तनाव
दूसरी ओर, ईरान ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। ईरान का कहना है कि ट्रंप या अन्य अमेरिकी अधिकारियों पर हमले की उसकी कोई योजना नहीं है। यह मामला ऐसे समय में आया है जब मिडिल ईस्ट में तनाव अपने चरम पर है।
हाल ही में ईरान पर हुए अमेरिकी और इजरायली हमलों के बाद क्षेत्र में संघर्ष काफी बढ़ गया है। इस सजा के बाद पाकिस्तान और ईरान दोनों के अमेरिका के साथ रिश्तों में और कड़वाहट आने की संभावना है।

