पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के विरोध को लेकर TMC अब नए-नए आरोप लगा रही है। विवाद अब सिर्फ प्रशासनिक या चुनावी नहीं रहा, बल्कि इसे सांप्रदायिक रंग देने के आरोप भी सामने आ रहे हैं। इसी कड़ी में एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है, जिसमें तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) के विधायक मनीरुल इस्लाम कह रहे हैं कि कागज राम से नहीं, रहीम से माँगे जा रहे हैं।
TMC नेता के बयान पर बीजेपी ने एक सामान्य और जरुरी प्रक्रिया को धर्म से जोड़कर साम्प्रादायिक तनाव भड़काने की साजिश रचने का आरोप लगाया है।
“They are not asking papers from Ram , they are asking papers from Rahim , we will not tolerate this . “
— Rahul Shivshankar (@RShivshankar) January 15, 2026
MANIRUL ISLAM TMC MLA before he was accused of ransacking a BDO in Bengal protesting submission of form 7 that seeks deletion of illegal voters.
Government officials suffered… pic.twitter.com/p84zZccc41
क्या है पूरा मामला?
मंगलवार (13 जनवरी 2026) को बांकुड़ा के खतड़ा इलाके में उस वक्त तनाव फैल गया, जब TMC कार्यकर्ताओं ने एक SUV को रोक लिया। इस गाड़ी में बीजेपी के दो कार्यकर्ता सवार थे और इसमें करीब 3,000 से अधिक पहले से भरे हुए फॉर्म-7 मौजूद थे।
फॉर्म-7 का इस्तेमाल मतदाता सूची से मृत, स्थानांतरित या संदिग्ध मतदाताओं के नाम हटाने के लिए किया जाता है। TMC ने दावा किया कि इतनी बड़ी संख्या में फॉर्म ले जाना एक सुनियोजित साजिश थी। सूचना मिलने पर पुलिस ने वाहन जब्त कर लिया और दो बीजेपी कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस घटना को गंभीर बताते हुए दावा किया कि खतड़ा में मिले फॉर्म-7 इस बात का सबूत हैं कि मतदाता सूची से वैध नाम हटाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि चुनावी नियमों के मुताबिक एक बूथ लेवल एजेंट सीमित संख्या में आपत्ति दर्ज करा सकता है, लेकिन यहाँ हजारों फॉर्म एक साथ जमा करने की तैयारी थी।
बीजेपी का पलटवार: प्रशासन दबाव में, फॉर्म लेने से इनकार
बीजेपी ने TMC के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उनके बूथ लेवल एजेंट फॉर्म-7 जमा करना चाहते थे, लेकिन राज्य भर में BLO और ERO स्तर पर फॉर्म स्वीकार करने से इनकार किया जा रहा है। पूर्व केंद्रीय मंत्री सुभाष सरकार ने दावा किया कि कार्यकर्ताओं पर हमला किया गया और फॉर्म जबरन छीने गए।
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने चेतावनी दी कि यदि SIR प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से पूरी नहीं हुई, तो चुनाव कराना मुश्किल हो जाएगा। पार्टी ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त से खुद बंगाल आकर हालात की समीक्षा करने की माँग की है।

