प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार (20 दिसंबर 2025) को बंगाल के नादिया जिले में एक बड़ी रैली करने वाले थे, लेकिन कुदरत को कुछ और ही मंजूर था। भारी कोहरे और खराब मौसम की वजह से उनका हेलीकॉप्टर लैंड नहीं कर पाया, जिसके कारण उन्हें कोलकाता एयरपोर्ट से ही वर्चुअली जनता को संबोधित करना पड़ा।
पीएम ने सबसे पहले लोगों से माफी माँगी और फिर उन भाजपा कार्यकर्ताओं को याद किया जिनकी रैली में आते समय एक रेल हादसे में दुखद मृत्यु हो गई। पीएम मोदी ने भावुक होते हुए कहा कि दुख की इस घड़ी में पूरी सरकार पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है।
विकास में रोड़ा अटकाने वाली ‘कमीशन सरकार’ पर प्रहार
पीएम मोदी ने बंगाल की धरती को नमन करते हुए ‘वंदे मातरम्’ के रचयिता बंकिम बाबू और चैतन्य महाप्रभु को याद किया। उन्होंने कनेक्टिविटी पर जोर देते हुए कहा कि बाराजागुली से कृष्णनगर और बारासात तक फोरलेन सड़कों का काम शुरू हो चुका है। इन प्रोजेक्ट्स से उत्तर 24 परगना और नदिया जैसे इलाकों में व्यापार और पर्यटन बढ़ेगा।
बंगाल में आज ऐसी सरकार है, जो सिर्फ कट और कमीशन में लगी रहती है।
— BJP (@BJP4India) December 20, 2025
आज भी पश्चिम बंगाल में विकास से जुड़े हजारों करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट्स अटके हुए हैं।
इसलिए आज मैं हृदय की गहराई से कहना चाहता हूं कि टीएमसी को मोदी का विरोध करना है करे, बीजेपी का विरोध करना है जमकर करे, पूरी…
पीएम मोदी ने तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि केंद्र के पास बंगाल के विकास के लिए न धन की कमी है और न नीयत की, लेकिन यहाँ की ‘कट और कमीशन’ वाली सरकार हजारों करोड़ के प्रोजेक्ट्स को लटका कर बैठी है। पीएम ने दो टूक कहा, “मोदी का विरोध करना है तो जमकर कीजिए, लेकिन बंगाल के विकास और जनता के सपनों को मत रोकिए।”
बिहार की जीत का मंत्र और ‘डबल इंजन’ की अपील
बिहार चुनाव में एनडीए की प्रचंड जीत का उदाहरण देते हुए पीएम ने कहा कि जैसे गंगा बिहार से बंगाल आती है, वैसे ही बिहार ने बंगाल में भाजपा की जीत का रास्ता साफ कर दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि TMC सरकार घुसपैठियों को बचाने के लिए पूरा जोर लगा रही है और जब भी हम सुरक्षा का सवाल उठाते हैं, तो उनके नेता बौखला जाते हैं और गालियाँ देते हैं।
टीएमसी घुसपैठियों को बचाने के लिए पूरा जोर लगा रही है।
— BJP (@BJP4India) December 20, 2025
बीजेपी जब घुसपैठियों का सवाल उठाती है तो टीएमसी के नेता हमें गालियां देते हैं।
-पीएम @narendramodi pic.twitter.com/2GFq9srvCu
पीएम ने जनता से अपील की कि जैसे त्रिपुरा तेजी से आगे बढ़ रहा है, वैसे ही बंगाल को भी ‘महाजंगलराज’ से मुक्त कराकर ‘डबल इंजन’ की सरकार बनानी होगी ताकि राज्य का खोया हुआ गौरव वापस आ सके।
बिहार जीत के बाद पहला बंगाल दौरा
बता दें कि बिहार विधानसभा में जीत के बाद और बंगाल विधानसभा इलेक्शन से पहले प्रधानमंत्री मोदी का बंगाल की जनता के लिए यह पहला संबोधन था। इससे पहले उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं में ऊर्जा भरने का काम किया था। उनके इन प्रयासों का असर है कि एक तरफ जहाँ भाजपा समर्थकों में भी उत्साह है, तो वहीं, स्थानीय हिंदू भी इस बार भाजपा के नेतृत्व में उम्मीद देख रहे हैं, राज्य का विकास देख रहे हैं।
भाजपा की भी कोशिश यही है कि कैसे भी केंद्र सरकार की योजनाओं और मोदी सरकार में हुए विकास कार्यों को बताकर बंगाल की जनता का विश्वास जीत सकें। पिछले विधानसभा चुनाव में भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए को करीबन 77 सीटें मिली थी। उस समय भले ही 294 वाले विधानसभा सीट पर एनडीए अपनी सरकार नहीं बना पाई थी लेकिन उनकी जीत टीएमसी की जीत से भी बड़ी मानी गई थी। कारण- 2016 के बंगाल विधानसभा चुनाव में भाजपा केवल 3 सीटें जीतकर सिमट गई थी। 2019 में जब ये आँकड़ा 77 पहुँचा तो भाजपा कार्यकर्ताओं में एक उम्मीद जगी।
इस बार उसी उम्मीद को सार्थक करने की कोशिश में भाजपा कार्यकर्ता और नेता अपनी जी जान लगाए हुए हैं। बिहार वाली रणनीति यहाँ काम करेगी या प्लानिंग कुछ और होगी इस पर अभी कुछ नहीं कह सकते। मगर, पिछले चुनाव जरूर ये बताते है कि बंगाल में वामपंथी और कॉन्ग्रेस को भाजपा पछाड़ने में सफल रही थी। इस बार उनका प्रयास टीएमसी को पीछे छोड़ने का है।

