‘असम में BJP की जीत की हैट्रिक तय’: धेमाजी से PM मोदी ने किया चुनावी शंखनाद, बोले- कॉन्ग्रेस के राजकुमार लगाएँगे हार का शतक

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने असम विधानसभा चुनाव के शंखनाद के बाद धेमाजी के गोगामुख में अपनी पहली विशाल जनसभा को संबोधित किया। गोगामुख की धरती पर उमड़े जनसैलाब और युवाओं व महिलाओं के उत्साह को देखकर प्रधानमंत्री ने बड़े आत्मविश्वास के साथ घोषणा की कि असम में BJP और NDA की ‘जीत की हैट्रिक’ लगनी तय है।

PM मोदी ने कहा कि जनता का यह प्यार और आशीर्वाद इस बात का खुला प्रमाण है कि असम के लोग विकास की निरंतरता चाहते हैं। पीएम मोदी ने अपने संबोधन में जहाँ अपनी सरकार की उपलब्धियों का रिपोर्ट कार्ड पेश किया, वहीं कांग्रेस पर तीखे प्रहार करते हुए उन्हें ‘विभाजनकारी राजनीति’ का पर्याय बताया।

असम के विकास के लिए ‘मोदी की गारंटी’

PM मोदी ने असम की जनता के सामने भविष्य का रोडमैप रखते हुए कई बड़ी घोषणाएँ कीं। उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों में असम के 22 लाख परिवारों को पक्का घर मिला है और बीजेपी के संकल्प पत्र के अनुसार, आगामी समय में 15 लाख और परिवारों को पक्का घर देने की गारंटी दी गई है। शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा कदम उठाते हुए उन्होंने घोषणा की कि गरीब परिवारों के बच्चों को केजी से लेकर पीजी (KG to PG) तक मुफ्त शिक्षा दी जाएगी।

पीएम मोदी ने ‘लखपति दीदी’ अभियान की सफलता का जिक्र करते हुए कहा कि असम की 3 लाख बहनें ‘लखपति बैदेउ’ बन चुकी हैं और अब डबल इंजन सरकार का लक्ष्य इस संख्या को 40 लाख तक पहुँचाने का है। इसके अलावा, ‘अरुणोदय योजना’ का विस्तार कर और अधिक लाभार्थियों को जोड़ने का वादा भी किया गया।

चाय के साथ अब ‘चिप’ से होगी असम की पहचान

प्रधानमंत्री ने असम के औद्योगिक कायाकल्प पर जोर देते हुए कहा कि एक समय था जब असम को दुनिया सिर्फ चाय के लिए जानती थी, लेकिन अब असम ‘सेमीकंडक्टर चिप’ का हब बनने जा रहा है। उन्होंने कहा, “वह दिन दूर नहीं जब असम के सेमीकंडक्टर प्लांट से चिप का उत्पादन शुरू होगा। आने वाले समय में आपके फोन, गाड़ियाँ, टीवी और फ्रिज असम में बनी चिप से ही चलेंगे।” यह तकनीकी क्रांति असम को आधुनिक मैन्युफैक्चरिंग का केंद्र बनाएगी।

ब्रह्मपुत्र पर पुल और बाढ़ से मुक्ति का मिशन

कॉन्ग्रेस पर निशाना साधते हुए PM ने कहा कि कॉन्ग्रेस ने 60-65 साल के शासन में ब्रह्मपुत्र नदी पर केवल 3 पुल बनाए, जिससे लोगों को काफी परेशानी हुई। वहीं, डबल इंजन सरकार ने जनता के दर्द को समझा और महज 11 वर्षों में 5 बड़े पुल तैयार किए, जिनमें बोगीबील और भूपेन हजारिका सेतु शामिल हैं। असम की सबसे बड़ी समस्या ‘बाढ़’ पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि ₹18,000 करोड़ के बजट के साथ ‘बाढ़ मुक्त असम मिशन’ शुरू किया गया है ताकि इसका स्थायी समाधान निकाला जा सके।

पीएम मोदी ने कॉन्ग्रेस की रणनीति पर कड़ा प्रहार करते हुए एक पुराने ‘कम्यूनल वायलेंस बिल’ का जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि 2014 से पहले कॉन्ग्रेस एक ऐसा कानून लाना चाहती थी जिसमें दंगों के लिए केवल बहुसंख्यक समाज को जिम्मेदार माना जाता और अल्पसंख्यकों को पीड़ित। उन्होंने कहा कि बीजेपी ने इस विभाजनकारी बिल को संसद में रुकवाया था, लेकिन अब 12 साल बाद कॉन्ग्रेस असम में फिर से वैसी ही चाल चल रही है। उन्होंने कॉन्ग्रेस की तुलना मुस्लिम लीग से करते हुए कहा कि वे देश को बाँटने की कोशिश कर रहे हैं।

‘राजकुमार’ की हार का बनेगा रिकॉर्ड

विपक्ष पर तंज कसते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि जहाँ बीजेपी की जीत की हैट्रिक पक्की है, वहीं कॉन्ग्रेस की पराजय की हैट्रिक भी तय है। उन्होंने राहुल गाँधी का नाम लिए बिना कहा कि ‘कॉन्ग्रेस के स्वघोषित राजकुमार इस बार अपनी चुनावी हार की सेंचुरी (शतक) पूरी करने वाले हैं।’ उन्होंने अंत में जनता से अपील की कि असम को ‘विकसित भारत’ का हिस्सा बनाने के लिए फिर से बीजेपी-NDA की सरकार चुनें।