प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्र सरकार की मंत्रिपरिषद की बैठक गुरुवार (21 मई 2026) को सेवा तीर्थ में करीब साढ़े चार घंटे तक चली। शाम 5 बजे शुरू हुई इस मैराथन बैठक में PM मोदी ने सरकार के कामकाज, प्रशासनिक सुधारों, विकसित भारत 2047 के लक्ष्य और मिडिल ईस्ट में जारी संकट के संभावित असर पर मंत्रियों के साथ विस्तृत चर्चा की। यह इस साल की पहली पूर्ण मंत्रिपरिषद बैठक थी जिसमें केंद्रीय कैबिनेट मंत्री, स्वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्री और राज्य मंत्री शामिल हुए।
‘विकसित भारत 2047 को लक्ष्य नहीं, जिम्मेदारी मानें’
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बैठक के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने मंत्रियों को स्पष्ट संदेश दिया कि 2047 तक विकसित भारत का सपना केवल राजनीतिक नारा नहीं, बल्कि सरकार की ठोस प्रतिबद्धता है। PM ने कहा कि सभी मंत्रालय अपने कामकाज और योजनाओं को इसी के अनुरूप ढालें। उन्होंने मंत्रियों से भविष्य केंद्रित सोच अपनाने और बीती बातों को पीछे छोड़कर आगे की तैयारी पर जोर देने को कहा।
आम नागरिकों के जीवन को आसान बनाने पर जोर
बैठक में प्रधानमंत्री ने ‘ईज ऑफ लिविंग’ को सरकार की प्राथमिकता बताते हुए कहा कि हर मंत्रालय को अपने फैसलों का सीधा असर आम लोगों के जीवन पर ध्यान में रखना चाहिए। संरचनात्मक सुधारों और बेहतर प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर भी चर्चा हुई। प्रधानमंत्री ने यह स्पष्ट किया कि सरकार का उद्देश्य लोगों की जिंदगी को सरल और सुविधाजनक बनाना होना चाहिए।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बैठक में प्रधानमंत्री ने ‘मिनिमम गवर्नमेंट, मैक्सिमम गवर्नेंस’ के सिद्धांत को दोहराया। उन्होंने कहा कि सरकार को लोगों के जीवन में अनावश्यक हस्तक्षेप से बचना चाहिए लेकिन जहाँ जरूरत हो वहाँ समय पर मदद और प्रभावी हस्तक्षेप सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
मंत्रालयों की प्रजेंटेशन और फाइल निपटान पर समीक्षा
बैठक में आधा दर्जन से अधिक मंत्रालयों ने अपने प्रदर्शन और भविष्य की कार्ययोजना पर विस्तृत प्रजेंटेशन दी। कैबिनेट सचिव और नीति आयोग ने भी प्रजेंटेशन दी। इस दौरान उन मंत्रालयों पर विशेष चर्चा हुई जिन्होंने फाइलों के निपटान में तेजी दिखाई। प्रधानमंत्री ने सख्त निर्देश दिया कि किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी और नौकरशाही बाधाएँ स्वीकार नहीं की जाएँगी तथा उपलब्ध समय का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने प्रधानमंत्री की हालिया 5 देशों की यात्रा और उसके रणनीतिक परिणामों पर मंत्रियों को जानकारी दी। साथ ही, मिडिल ईस्ट में जारी संकट और उसके आर्थिक प्रभावों पर भी चर्चा हुई।
‘टॉप-5’ और ‘बॉटम-5’ की बनी लिस्ट
रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस बैठक में मंत्रालयों के परफॉरमेंस का बारीकी से ऑडिट किया गया और मंत्रालयों की रैंकिंग तय की गई। बताया गया कि ‘फाइलों का निस्तारण’ और ‘आम लोगों की शिकायतों को सुलझाने के रवैये’ के आधार पर सबसे अच्छा काम करने वाले ‘टॉप-5’ और सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले ‘बॉटम-5’ मंत्रालयों की एक सूची भी तैयार की गई है।

