इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के संस्मरण ‘I am Giorgia — My Roots, My Principles’ का भारतीय संस्करण जल्द ही लॉन्च होने वाला है। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस पुस्तक की प्रस्तावना (Foreword) लिखी है। उन्होंने इसे लिखना सम्मान, प्रशंसा और मित्रता से भरा एक महान सौभाग्य बताया है।
पीएम मोदी ने रेडियो शो ‘मन की बात’ से प्रेरणा लेते हुए इसे मेलोनी के ‘मन की बात’ बताया है। उन्होंने संस्मरण को एक ऐसी कहानी बताया जो व्यक्तिगत सीमाओं से आगे बढ़कर बड़े सामाजिक और सांस्कृतिक मूल्यों को दर्शाती है। उन्होंने मेलोनी को ‘एक देशभक्त और प्रभावशाली समकालीन नेता’ कहा और उनकी नेतृत्व यात्रा को ‘प्रेरणादायक और ऐतिहासिक’ बताया, जो भारतीय पाठकों से गहराई से जुड़ सकती है।
प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी कहा कि मेलोनी का अपनी सांस्कृतिक विरासत की रक्षा करने और दुनिया से समान स्तर पर संवाद करने का विश्वास भारत के मूल्यों से मेल खाता है। प्रस्तावना में उन्होंने लिखा, “हम दोनों देशों को एकजुट करने वाले तत्व केवल समझौते और व्यापार नहीं हैं, बल्कि हमारी सभ्यतागत सोच, विरासत की रक्षा, समुदाय की शक्ति और नारीत्व का उत्सव जैसे साझा मूल्य भी हैं।”
मेलोनी की यह किताब पहले ही एक बेस्टसेलर बन चुकी है। इसका मूल संस्करण 2021 में तब लिखा गया था जब मेलोनी विपक्ष में थीं। एक साल बाद वे इटली की पहली महिला प्रधानमंत्री बनीं। इस किताब का अमेरिकी संस्करण जून 2025 में लॉन्च हुआ था, जिसमें अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बेटे डोनाल्ड ट्रम्प जूनियर ने एक छोटी भूमिका लिखी थी।
मेलोनी की आत्मकथा में महिला होने के संघर्ष, एकल माता होने के अनुभव और गर्भावस्था के दौरान राजनीति में सक्रिय रहने की चुनौतियों को लेकर कई निजी अनुभव साझा किए गए हैं।
उन्होंने अपनी किताब में लिखा है, “अगर मेरी जैसी विशेषाधिकार प्राप्त महिला को, सिर्फ इसलिए कि वह गर्भवती है, राजनीति से पीछे हटने को कहा जा सकता है तो एक कॉल सेंटर में काम करने वाली युवती का क्या होगा? मैं यह साबित करना चाहती थी कि बच्चे कोई रुकावट नहीं हैं, बल्कि वे सीमाओं को पार करने में मदद करते हैं।”
पीएम मोदी ने अपने संदेश में इस महिला सशक्तिकरण के पहलू को विशेष रूप से सराहा और मेलोनी की इस सोच को भारत के मूल्यों के अनुरूप बताया।

