महाकुंभ से ऑपरेशन सिंदूर और राम मंदिर के ध्वजारोहण तक, 2025 ने गर्व करने वाले पल दिए: PM मोदी ने ‘मन की बात’ में गिनाईं उपलब्धियाँ, कहा- नए संकल्पों के साथ बढ़ने को तैयार भारत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार (28 दिसंबर 2025) को ‘मन की बात’ के 129वें एपिसोड को संबोधित किया। पीएम मोदी ने पूरे साल में भारत की उपलब्धियों को गिनाया और आने वाले साल की बधाई दी। उन्होंने कहा, “देश की सुरक्षा से लेकर खेल के मैदान तक, विज्ञान की प्रयोगशालाओं से लेकर दुनिया के बड़े मंचों तक, भारत ने हर जगह अपनी मजबूत छाप छोड़ी।”

प्रधानमंत्री की मन की बात का यह साल 2025 का आखिरी एपिसोड था। आखिरी एपिसोड का जिक्र करते हुए पीएम ने कहा, “अब साल 2026 में उमंग और उत्साह के साथ मन की बातों को करने के लिए मन की बात के कार्यक्रम में भी जरूर जुड़ेंगे। हर महीने मुझे विकसित भारत को लेकर लोग विजन साझा करते हैं। विकसित भारत का संकल्प जरूर सिद्ध होगा। साल 2026 संकल्प-सिद्धी की इस यात्रा में अहम पड़ाव होगा।”

साल 2025 खेल के लिहाज से यादगार

साल 2025 को खेल के लिहाज से यादगार वर्ष बताते हुए पीएम मोदी ने भारत की खेलों में उपलब्धियों को गिनाया। इनमें पुरुष क्रिकेट टीम की ICC ट्रॉफी जीतने, महिला क्रिकेट टीम का पहली बार विश्व कप नाम करना, भारत की बेटियों का Women’s Blind T20 World Cup जीतकर इतिहास रचना, एशिया कप टी-20 में तिरंगा शान से लहराना, पैरा एथलीटों का विश्व चैंपियनशिप में कई पदक जीतना शामिल है।

पीएम मोदी ने कहा कि विज्ञान और अंतरिक्ष के क्षेत्र में भी भारत ने बड़ी छलाँग लगाई। शुभांशु शुक्ला पहले भारतीय बने, जो अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन तक पहुँचे।

महाकुंभ से अयोध्या में राम मंदिर ध्वजारोहण तक

पीएम मोदी ने कहा, “साल 2025 में आस्था, संस्कृति और भारत की अद्वितीय विरासत सब एक साथ दिखाई दी। साल के शुरुआत में प्रयागराज महाकुंभ के आयोजन ने पूरी दुनिया को चकित किया। साल के अंत में अयोध्या में राम मंदिर पर ध्वजारोहण के कार्यक्रम ने हर भारतीय को गर्व से भर दिया।”

बारामूला में बौद्ध स्तूप

पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा, “जम्मू-कश्मीर के बारामूला में, जेहनपोरा नाम की एक जगह है। वहाँ लोग बरसों से कुछ ऊँचे-ऊँचे टीले देखते आ रहे थे। साधारण से टीले किसी को नहीं पता था कि ये क्या है? इन टीलों का वैज्ञानिक अध्ययन शुरू किया गया। और फिर कुछ हैरान करने वाली बातें सामने आने लगी। पता चला ये टीले प्राकृतिक नहीं हैं। ये इंसान द्वारा बनाई गई किसी बड़ी इमारत के अवशेष हैं।”

प्रधानमंत्री ने आगे कहा, “इसी दौरान एक और दिलचस्प कड़ी जुड़ी। कश्मीर से हजारों किलोमीटर दूर, फ्रांस के एक Museum के Archives में एक पुराना, धुंधला सा चित्र मिला। बारामूला के उस चित्र में तीन बौद्ध स्तूप नजर आ रहे थे। यहीं से समय ने करवट ली और कश्मीर का एक गौरवशाली अतीत हमारे सामने आया।”

ओडिशा की क्रांतिकारी पार्वती गिरी की जन्म शताब्दी

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “ओडिशा की पार्वती गिरि जी… जनवरी 2026 में उनकी जन्म-शताब्दी मनाई जाएगी। उन्होंने 16 वर्ष की आयु में ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ में हिस्सा लिया था। आजादी के आंदोलन के बाद पार्वती गिरि जी ने अपना जीवन समाज सेवा और जनजातीय कल्याण को समर्पित कर दिया था। उन्होंने कई अनाथालयों की स्थापना की। उनका प्रेरक जीवन हर पीढ़ी का मार्गदर्शन करता रहेगा।”

निमोनिया और UTI के खिलाफ एंटीबायोटिक दवाएँ कमजोर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “ICMR यानी Indian Council of Medical Research ने हाल ही में एक रिपोर्ट जारी की है। इसमें बताया गया है कि निमोनिया और UTI जैसी कई बीमारियों के खिलाफ एंटीबाययोटिक दवाएँ कमजोर साबित हो रही हैं। हम सभी के लिए यह बहुत ही चिंताजनक है।”

पीएम ने आगे कहा, “ICMR रिपोर्ट के मुताबिक इसका एक बड़ा कारण लोगों द्वारा बिना सोचे-समझे एंटीबायोटिक दवाओं का सेवन है। एंटीबायोटिक ऐसी दवाएँ नहीं हैं, जिन्हें यूँ ही ले लिया जाए। इनका इस्तेमाल डॉक्टर की सलाह से ही करना चाहिए।”

गुजरात के कच्छ में रणोत्सव

गुजरात के कच्छ में जारी रणोत्सव पर पीएम मोदी ने कहा, “इस साल कच्छ रणोत्सव का ये आयोजन 23 नवंबर से शुरू हुआ है, जो 20 फरवरी तक चलेगा। यहाँ कच्छ की लोक संस्कृति, लोक संगीत, नृत्य और हस्तशिल्प की विविधता दिखाई देती है। कच्छ के सफेद रण की भव्यता देखना अपने आप में एक सुखद अनुभव है।”

पीएम मोदी ने आगे कह, “रात के समय जब सफेद रण के ऊपर चाxदनी फैलती है, वहाx का दृश्य अपने आप में मंत्रमुग्ध कर देने वाला होता है। रण उत्सव का टेंट सिटी बहुत लोकप्रिय है।”