प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ओस्लो में हुए तीसरे ‘इंडिया-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन’ में हिस्सा लिया है। इस बैठक में भारत और नॉर्डिक देशों (जैसे डेनमार्क, फिनलैंड, आइसलैंड, नॉर्वे और स्वीडन) के बीच दोस्ती और व्यापार को और मजबूत करने पर सहमति बनी। PM मोदी ने खुद X पर पोस्ट करके इस खास मुलाकात की जानकारी दी है।
किन मुद्दों पर हुई खुलकर बात?
इस बैठक में कई जरूरी बातों पर चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने पर्यावरण को बचाने और नए-नए आइडियाज (इन्नोवेशन) पर मिलकर काम करने पर जोर दिया। इसके साथ ही प्रदूषण कम करने के लिए साफ-सुथरी ऊर्जा (क्लीन एनर्जी) को बढ़ावा देने पर भी बात हुई। आने वाले समय के लिए नई तकनीकों का इस्तेमाल साथ मिलकर करने का फैसला लिया गया है।
Participated in the 3rd India-Nordic Summit in Oslo, which reflected the growing depth and dynamism of India’s partnership with the Nordic region.
— Narendra Modi (@narendramodi) May 19, 2026
Our discussions focused on several aspects, including sustainability, innovation, clean energy, emerging technologies and… pic.twitter.com/4mk3YdTGxv
PM मोदी ने कहा कि यह बैठक दिखाती है कि भारत और नॉर्डिक देशों के रिश्ते कितने तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। दुनिया में शांति और तरक्की के लिए दोनों पक्ष एक-दूसरे का हाथ थामने को तैयार हैं। यह दोस्ती आने वाले समय में पूरी दुनिया के विकास के लिए बहुत फायदेमंद साबित होगी।
India will keep working with the Nordic nations for:
— Narendra Modi (@narendramodi) May 19, 2026
More trade and investment.
Sustainable growth.
Greater innovation.
Climate action.
Cooperation in the Arctic. https://t.co/iaWXaQbvZ3
क्यों खास है दोनों देशों का रिश्ता?
भारत और नॉर्डिक देश एक-दूसरे पर बहुत भरोसा करते हैं। दोनों ही जगह लोकतंत्र का सम्मान किया जाता है। दोनों का सबसे बड़ा मकसद यह है कि विकास ऐसा हो जिससे आम इंसानों का जीवन आसान बने। इसी सोच की वजह से दोनों देशों का आपसी भरोसा लगातार बढ़ रहा है।

