2023 में जिस CD को देखकर हुआ था राहुल गाँधी पर केस, वो कोर्ट में निकली खाली: वकील ने की न्यायिक जाँच की माँग, लंदन में कॉन्ग्रेस नेता ने सावरकर पर की थी टिप्पणी

पुणे कोर्ट में कॉन्ग्रेस नेता राहुल गाँधी के खिलाफ चल रहे मानहानि मामले में एक अजीब मोड़ आ गया है। गुरुवार (27 नवंबर 2025) को सुनवाई के दौरान, शिकायतकर्ता सत्यकी सावरकर ने कोर्ट से माँग की कि राहुल गाँधी के कथित आपत्तिजनक बयान का वीडियो दिखाने के लिए एक अतिरिक्त CD चलाई जाए। लेकिन मजिस्ट्रेट अनमोल शिंदे ने यह माँग खारिज कर दी।

CD में वीडियो गायब होने से हड़कंप

यह मामला तब पेचीदा हो गया जब कोर्ट में पेश की गई असली वीडियो CD चलाने पर पूरी तरह से खाली निकली। इसमें कोई वीडियो डेटा नहीं था। शिकायतकर्ता सत्यकी सावरकर के वकील संग्राम कोल्हटकर ने कोर्ट को बताया कि 2023 में जब केस दर्ज हुआ था, तब यही CD चलाई गई थी और वीडियो ठीक से चला था। उसी आधार पर राहुल गाँधी को समन जारी हुआ था।

कोर्ट ने क्यों ठुकराई वीडियो दिखाने की माँग?

CD खाली निकलने के बाद, शिकायतकर्ता पक्ष ने यूट्यूब पर उपलब्ध वीडियो चलाने की अनुमति माँगी। राहुल गाँधी के वकील मिलिंद दत्तात्रय पवार ने इसका कड़ा विरोध किया। उन्होंने तर्क दिया कि इंटरनेट वीडियो को सबूत के रूप में स्वीकार नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने पवार की आपत्ति सही मानते हुए कहा कि यूट्यूब लिंक के साथ भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धारा 65-B के तहत जरूरी प्रमाणपत्र नहीं है।

वकील ने न्यायिक जाँच की माँग की

मजिस्ट्रेट अनमोल शिंदे द्वारा अतिरिक्त CD चलाने की माँग खारिज करने के बाद, वकील कोल्हटकर ने एक नई माँग की। उन्होंने अनुरोध किया कि जिस CD में पहले वीडियो था, वह अब खाली कैसे हो गई, इसकी न्यायिक जाँच करवाई जाए। यह मामला राहुल गाँधी के लंदन में दिए गए भाषण से जुड़ा है, जिसमें उन्होंने वी डी सावरकर के बारे में मानहानिकारक टिप्पणी की थी।