दिल्ली यूनिवर्सिटी को लेकर राहुल गाँधी ने फैलाया झूठ, SC-ST-OBC के एडमिशन में भेदभाव का किया दावा: DU ने दिया करारा जवाब, कहा- जाँच लें तथ्य

दिल्ली विश्वविद्यालय ने शुक्रवार (13 मार्च 2026) को लोकसभा में विपक्ष के नेता और कॉन्ग्रेस सांसद राहुल गाँधी के उस बयान को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि विश्वविद्यालय में जाति के आधार पर भेदभाव होता है और इंटरव्यू के जरिए SC, ST और OBC छात्रों को प्रवेश से बाहर कर दिया जाता है।

दरअसल, राहुल गाँधी ने दावा किया था कि उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय का दौरा किया है और वहाँ प्रवेश प्रक्रिया में इंटरव्यू का इस्तेमाल इस तरह किया जाता है कि कुछ खास जातियों के छात्रों को बाहर कर दिया जाए। उन्होंने कहा था, “मैं दिल्ली विश्वविद्यालय गया था। वहाँ इंटरव्यू इस तरह डिजाइन किए जाते हैं कि छात्रों को प्रवेश न मिल सके। इंटरव्यू में आपको आपकी जाति के आधार पर फेल कर दिया जाता है।”

हालाँकि, दिल्ली विश्वविद्यालय ने इन आरोपों को पूरी तरह गलत बताते हुए साफ किया कि विश्वविद्यालय के स्नातक (Bachelor’s) और स्नातकोत्तर (Master’s) कार्यक्रमों में प्रवेश के लिए किसी तरह का इंटरव्यू नहीं लिया जाता।

विश्वविद्यालय ने अपने बयान में कहा, “दिल्ली विश्वविद्यालय में छात्रों का एडमिशन मुख्य रूप से कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (CUET) के अंकों के आधार पर होता है। स्टैंडर्ड प्रवेश प्रक्रिया में अधिकतर स्नातक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों के लिए इंटरव्यू की कोई अनिवार्यता नहीं है।”

विश्वविद्यालय ने यह भी स्पष्ट किया कि जब एडमिशन में इंटरव्यू होता ही नहीं है तो इंटरव्यू के दौरान जाति के आधार पर भेदभाव का सवाल ही नहीं उठता।

बयान में आगे कहा गया कि यदि विपक्ष के नेता राहुल गाँधी का इशारा विश्वविद्यालय में होने वाली नियुक्तियों जैसे कि फैकल्टी भर्ती की ओर था तो हाल के वर्षों में विश्वविद्यालय ने सभी श्रेणियों में हजारों शिक्षकों की नियुक्ति की है।

दिल्ली विश्वविद्यालय ने राहुल गाँधी के बयान पर कड़ा एतराज जताते हुए कहा, “हम ऐसे बयानों का कड़ा विरोध करते हैं क्योंकि इससे विश्वविद्यालय का माहौल खराब होता है। विपक्ष के नेता को ऐसा बयान देने से पहले तथ्यों की जाँच कर लेनी चाहिए थी।”