बिहार विधानसभा चुनाव: महागठबंधन में सिर फुटव्वल, राहुल गाँधी ‘गायब’, दिल्ली में छान रहे इमरती

बिहार में अभी भी महागठबंधन में सीटों को लेकर सिर फुटव्वल मचा हुआ है। एक ही सीट पर कॉन्ग्रेस, आरजेडी, वामपंथी पार्टियों और मुकेश सहनी की वीआईपी के उम्मीदवार खड़े हैं। बेहतर तालमेल बिठाने के बजाय कॉन्ग्रेस नेता राहुल गाँधी दिल्ली में इमरती छान रहे हैं।

चुनाव से पहले तो उन्होंने यात्रा कर माहौल बनाने की पूरी कोशिश की। यहाँ तक कि तेजस्वी यादव को सीएम चेहरा भी नहीं बताया। ऐसा लगा जैसे कॉन्ग्रेस अपने पुराने दिनों में लौटने के लिए पूरी जी-जान से जुट गई है। अचानक राहुल गाँधी ‘गायब’ हो गए। उम्मीदवारों को कॉन्ग्रेस का सिंबल देने का काम झारखंड से गए नेता कर रहे हैं। आखिर शुरुआती जोश के बाद राहुल गाँधी बिहार चुनाव से विमुख क्यों हो गए? ये कॉन्ग्रेसियों के लिए खास तौर पर बड़ा सवाल है।

राहुल गाँधी नजर आए हैं दिवाली के मौके पर। पुरानी दिल्ली के एक हलवाई की दुकान पर लड्डू बनाते और इमरती छानते राहुल गाँधी का वीडियो खुद उन्होंने शेयर किया है।

बिहार में पहले फेज के सीटों के लिए नामांकन का दौर भी खत्म हो चुका है। लेकिन सीट शेयरिंग पर अंतिम फैसला महागठबंधन का नहीं आया है। कई सीटों पर ‘फ्रेंडली फाइट’ हो रहा है। कॉन्ग्रेस और आरजेडी 6 सीटों पर एक-दूसरे के खिलाफ चुनाव में ताल दे रहे हैं। वहीं 4 सीटों पर कॉन्ग्रेस और वामपंथी पार्टियाँ एक-दूसरे को चुनौती दी है। इतना तो तय है कि इन सीटों पर ये लोग एक-दूसरे के वोट काटेंगे और फायदा एनडीए को होगा।

इतना ही नहीं, कॉन्ग्रेस के अंदर कोहराम मचा हुआ है। उम्मीदवार राज्य के नेताओं पर टिकट के बदले उगाही का आरोप लगा रहे हैं। यहाँ तक कि पप्पू यादव पर भी कई लोगों को टिकट बाँटने का आरोप लग रहा है। ऐसे में राहुल गाँधी हैं कहाँ ? पार्टी को एकजुट करने के लिए वे क्या कर रहे हैं ? ये सवाल बिहारियों के दिमाग में है। बिहार में एसआईआर और बेरोजगारी का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने वोटर अधिकार यात्रा अगस्त 2025 में निकाली, लेकिन वो मुद्दे कहीं नजर नहीं आ रहे हैं।