बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण की वोटिंग से ठीक एक दिन पहले कॉन्ग्रेस नेता राहुल गाँधी ने बुधवार (05 नवंबर 2025) को ‘हाइड्रोजन बम’ बताकर हरियाणा चुनाव में कथित ‘वोट चोरी’ पर जोरदार प्रेस कॉन्फ्रेंस की। राहुल ने ‘एच-फाइल्स’ पेश कर दावा किया कि हरियाणा में 25 लाख वोट चोरी हुए, जिसमें 5.21 लाख डुप्लिकेट वोटर, 93,174 अमान्य वोटर और 19.26 लाख बल्क वोट शामिल हैं।
राहुल गाँधी ने कहा, “यह साजिश पूरे राज्य स्तर पर है, पोस्टल बैलट में कॉन्ग्रेस 76 सीटों पर आगे थी, लेकिन अंत में 22,779 वोटों से हार गई। हमारे पास 100 प्रतिशत सबूत हैं।”
#WATCH | Delhi: Lok Sabha LoP Rahul Gandhi says, "We have the word 'H' Files and this is about how an entire state has been stolen…We suspected that this is not happening in individual constituencies, but at the state level and at the national level. We got a lot of complaints… pic.twitter.com/uajSO3ngDg
— ANI (@ANI) November 5, 2025
प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल ने बिहार के कई वोटरों को मंच पर बुलाया और दावा किया कि उनके नाम वोटर लिस्ट से काट दिए गए हैं। उन्होंने चेतावनी दी, “पूरे परिवार के नाम गायब हैं। बिहार में भी लाखों लोगों के साथ यही होगा।”
ईसी के सूत्रों ने बताया कि हरियाणा चुनाव के वोटर रोल पर कोई अपील या शिकायत दर्ज नहीं कराई गई थी और सभी प्रक्रियाएँ पारदर्शी रहीं। आयोग ने कहा कि डुप्लिकेट वोटरों की जाँच पहले ही हो चुकी है। ईसी ने संकेत दिया कि वोटरों को प्रभावित करने वाली इस प्रेस कॉन्फ्रेंस पर मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट के उल्लंघन के लिए कार्रवाई हो सकती है।
कॉन्ग्रेस से जुड़े वरिष्ठ पदाधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि राहुल गाँधी की प्रेस कॉन्फ्रेंस वोटरों को आखिरी समय में भ्रमित करने की है, हालाँकि इस बार भी पुराने आरोपों को ही विस्तार से हरियाणा राज्य के संदर्भ में दिखाया गया और बिहार को लेकर डर जताया गया। जो ये बताता है कि कॉन्ग्रेस पार्टी चुनाव से पहले ही हार मान चुकी है।
ऐसे में सवाल ये उठ रहा है कि क्या बिहार में संगठन की अपंगता से जूझ रही कॉन्ग्रेस पार्टी अपनी हार का नया बहाना ढूँढ रही है? और ‘वोट चोरी’ के आरोपों के नाम पर अपना चेहरा बचाने की कोशिश कर रही है।

