साध्वी की पिता के मुताबिक, उनकी मौत गलत इंजेक्शन देने से हुई। भक्तों ने उनके पिता और आश्रम को साध्वी की मौत का जिम्मेदार बताया।
दो दिन से बीमार थी साध्वी
भक्त रुद्रप्रताप सिंह ने बताया कि राहत 9.30 बजे आरती नगर आश्रम में जब वे पहुँचे तो देखा कि साध्वी के शव लेकर उनके पिता आश्रम के बाहर थे। उन्होंने साध्वी के शव और फोन को पुलिस को देने से मना कर दिया।
साध्वी की तबीयत दो दिनों से खराब थी। उन्हें इजेक्शन दिया गया था, जिसके बाद तबीयत ज्यादा बिगड़ गई। उन्हें नजदीक के अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उनकी मौत हो गई।
6 महीने पहले वीडियो हुआ था वायरल
जुलाई 2025 में साध्वी ने अपने पूर्व स्टाफ पर ब्लैकमेलिंग का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था कि उनके पिता के साथ वीडियो वायरल कर छवि खराब करने की कोशिश का केस दर्ज करवाया था। साध्वी ने अपने आखिरी पोस्ट में भी ‘अग्नि परीक्षा’ और ‘न्याय’ की बात लिखी थी।
भक्त टाइमिंग को लेकर सवाल उठा रहे हैं। अस्पताल के डॉक्टर प्रवीण जैन के मुताबिक, साध्वी को 5.45 में लाया गया। उस वक्त उनकी मौत हो चुकी थी। उनका आखिरी पोस्ट इंस्टाग्राम पर रात 9.30 बजे आया यानी उनकी मौत के बाद उनके अकाउंट से किसने पोस्ट डाला- ये सारे सवाल हैं जिसको लेकर भक्त हँगामा कर रहे हैं।
साध्वी प्रेम बाईसा एक कथावाचक और भजन गायिका थीं। वह महंत वीरमनाथ की पुत्री और शिष्या थीं और पिता के साथ आश्रम का कामकाज संभालती थीं। उनकी कथा में बड़ी संख्या भक्तजन जुटते थे। बाड़मेर, जोधपुर और आसपास के इलाकों में वह काफी लोकप्रिय थीं। बचपन से प्रवचन देने की वजह से उन्हें बाल साध्वी के रूप में लोग जानते थे।

