राज्यसभा की 24 सीटों पर चुनाव का ऐलान हो गया है। चुनाव आयोग ने घोषणा की है कि इन सीटों के लिए 18 जून 2026 को वोट डाले जाएँगे। इस चुनाव में कॉन्ग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, कॉन्ग्रेस नेता दिग्विजय सिंह और पूर्व प्रधानमंत्री एच डी देवेगौड़ा जैसे बड़े नेताओं का कार्यकाल खत्म हो रहा है।
इसके साथ ही केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू के भविष्य पर भी सबकी नजरें टिकी हैं। संसद के उच्च सदन में अपनी ताकत बढ़ाने के लिए सभी पार्टियों ने रणनीतियाँ बनाना शुरू कर दिया है।
चुनाव आयोग ने 24 सीटों के लिए राज्यसभा चुनावों का कार्यक्रम जारी किया। #Elections2026 #ECI
— आकाशवाणी समाचार (@AIRNewsHindi) May 22, 2026
🔸पूर्व प्रधानमंत्री एच. डी. देवेगौड़ा और केंद्रीय मंत्री जॉर्ज कुरियन तथा रवनीत सिंह उन सदस्यों में शामिल हैं, जिनका कार्यकाल अगले महीने पूरा हो रहा है।
🔸राज्यसभा की दो सीटों के लिए… pic.twitter.com/IcsO6cq65e
1 जून से शुरू होगी चुनावी प्रक्रिया
चुनाव आयोग ने पूरा शेड्यूल जारी कर दिया है। इसके तहत चुनाव की आधिकारिक अधिसूचना 1 जून 2026 को जारी होगी। उम्मीदवार 8 जून तक अपना नामांकन पर्चा दाखिल कर सकेंगे। इसके बाद 9 जून को पर्चों की जाँच की जाएगी। जो उम्मीदवार अपना नाम वापस लेना चाहते हैं, वे 11 जून तक ऐसा कर सकते हैं।
अगर सीटों पर एक से ज्यादा उम्मीदवार हुए तो चुनाव कराया जाएगा। इसके लिए 18 जून को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक वोट डाले जाएँगे। वोटिंग खत्म होने के तुरंत बाद यानी उसी दिन शाम 5 बजे से वोटों की गिनती शुरू हो जाएगी। चुनाव आयोग इस पूरी प्रक्रिया को 20 जून तक खत्म कर लेगा।
इन राज्यों में खाली हो रही हैं सीटें
इस बार आंध्र प्रदेश, गुजरात और कर्नाटक से सबसे ज्यादा चार-चार सीटें खाली हो रही हैं। इसके अलावा राजस्थान और मध्य प्रदेश से तीन-तीन सीटों पर चुनाव होगा। झारखंड, मणिपुर, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश और मिजोरम की सीटों पर भी वोट डाले जाएँगे। निष्पक्ष चुनाव के लिए आयोग ने वोटिंग के दौरान सिर्फ एक खास बैंगनी स्केच पेन के इस्तेमाल की मंजूरी दी है।
मल्लिकार्जुन खरगे का रास्ता साफ
कर्नाटक में विधायकों की संख्या के हिसाब से कॉन्ग्रेस को तीन सीटें मिल सकती हैं। ऐसे में कॉन्ग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे का दोबारा राज्यसभा पहुँचना बिल्कुल तय माना जा रहा है। वहीं मध्य प्रदेश में कॉन्ग्रेस को अपनी इकलौती सीट बचाने के लिए कड़ी मेहनत करनी होगी। दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह ने इस बार चुनाव लड़ने से मना कर दिया है, इसलिए कॉन्ग्रेस किसी नए चेहरे को मौका दे सकती है।
गुजरात में कॉन्ग्रेस को लग सकता है बड़ा झटका
गुजरात की राजनीति से कॉन्ग्रेस के लिए बुरी खबर आ सकती है। राज्य में विधायकों की कम संख्या के कारण कॉन्ग्रेस इस बार एक भी सीट नहीं जीत पाएगी। अगर ऐसा हुआ तो इतिहास में पहली बार होगा जब गुजरात से कॉन्ग्रेस का कोई भी नेता राज्यसभा में नहीं होगा। दूसरी तरफ, बीजेपी और एनडीए गठबंधन सदन में अपनी पकड़ को और मजबूत करने की कोशिश में है।
राजस्थान में बिट्टू और गहलोत पर सस्पेंस
राजस्थान में सीटों के गणित के हिसाब से बीजेपी को दो और कॉन्ग्रेस को एक सीट मिल सकती है। बीजेपी की तरफ से केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू को उम्मीदवार बनाए जाने की सबसे ज्यादा चर्चा है। वहीं कॉन्ग्रेस खेमे से पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पवन खेड़ा के नामों को लेकर सियासी बाजार गर्म है।

