देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET UG 2026 में फर्जीवाड़े और पेपर लीक नेटवर्क को लेकर दिल्ली पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। इस मामले में RJD के नेशनल सेक्रेटरी संतोष कुमार जायसवाल को गिरफ्तार किया गया है, जिसे जाँच एजेंसियाँ पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड मान रही हैं।
पुलिस ने उसकी निशानदेही पर गाजियाबाद के एक होटल और फ्लैट से कई छात्रों को रेस्क्यू किया है। इनमें कुछ नाबालिग भी बताए जा रहे हैं। जाँच के दौरान पुलिस को 149 पन्नों का एक कथित ‘स्पेशल क्वेश्चन सेट’, खाली साइन किए हुए चेक, छात्रों के मूल दस्तावेज और कई संदिग्ध रिकॉर्ड मिले हैं।
दिल्ली पुलिस ने NEET UG एग्जाम का पेपर लीक मामले में RJD के नेशनल सेक्रेटरी संतोष कुमार जायसवाल को गिरफ्तार किया है।
— P.N.Rai (@PNRai1) May 14, 2026
18 छात्रों (कुछ नाबालिग) को गिरोह के चंगुल से बचाया गया, जिनमें से कई गाजियाबाद के एक फ्लैट से रेस्क्यू हुए।
आरोप: फर्जी प्रश्न पत्र (पुराने पेपर और कोचिंग… pic.twitter.com/8hn8Mvs0Ht
दिल्ली पुलिस के अनुसार यह गिरोह मेडिकल सीट दिलाने और परीक्षा में सफलता का झाँसा देकर छात्रों और अभिभावकों से 20 से 30 लाख रुपए तक वसूलता था। आरोप है कि छात्रों को परीक्षा से पहले अलग-अलग होटल और फ्लैटों में रखा जाता था, जहाँ उन्हें महत्वपूर्ण प्रश्न याद कराए जाते थे।
सूरत से मिला इनपुट और दिल्ली में शुरू हुई बड़ी कार्रवाई
दिल्ली पुलिस की जाँच के मुताबिक, इस पूरे नेटवर्क का पहला बड़ा सुराग 2 मई 2026 को मिला, जब गुजरात के सूरत से संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी साझा की गई। इसके बाद दिल्ली पुलिस ने महिपालपुर इलाके के कई होटल्स में छापेमारी की। जाँच के दौरान पुलिस को ऐसे समूह मिले जिनमें छात्र परीक्षा से पहले एक साथ ठहराए गए थे।
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने तीन लोगों को हिरासत में लिया। उनसे पूछताछ के बाद संतोष जायसवाल का नाम सामने आया। इसके बाद पुलिस ने दिल्ली में उसे गिरफ्तार किया। उसकी निशानदेही पर गाजियाबाद के एक फ्लैट और होटल से 18 से अधिक छात्रों को मुक्त कराया गया। इनमें कई छात्र नाबालिग बताए जा रहे हैं।
मोतिहारी से दिल्ली तक संतोष जायसवाल की कहानी, कैसे बना परीक्षा नेटवर्क का बड़ा चेहरा
संतोष जायसवाल बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के मोतिहारी स्थित बसवरिया गाँव का रहने वाला है। स्कूल की पढ़ाई पूरी करने के बाद संतोष आगे की शिक्षा के लिए पटना गया। वहीं उसकी मुलाकात कथित तौर पर पुराने परीक्षा माफिया नेटवर्क से हुई।
धीरे-धीरे वह उस गिरोह का हिस्सा बना और फिर खुद सेटिंग नेटवर्क खड़ा करने लगा। उसने पटना से अपना नेटवर्क बढ़ाया और बाद में दिल्ली को ऑपरेशन का मुख्य केंद्र बना लिया। आज उसके पास दिल्ली के पॉश इलाके ईस्ट ऑफ कैलाश में आलीशान बंगला होने की बात कही जा रही है।
इसके अलावा कई अन्य संपत्तियों की भी जाँच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि उसने दिल्ली में मेडिसिन कारोबार की आड़ में अपना नेटवर्क खड़ा किया और उसी के जरिए मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं से जुड़ा अवैध कारोबार फैलाया।
परिवार, राजनीति और RJD कनेक्शन की भी जाँच
संतोष जायसवाल RJD में राष्ट्रीय सचिव के पद पर था। पुलिस अब यह भी खंगाल रही है कि क्या उसके राजनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल नेटवर्क को बचाने या विस्तार देने में हुआ।जानकारी के मुताबिक, संतोष ने पहले अपने भाई को बिहार विधानसभा चुनाव लड़वाने की कोशिश की थी। बाद में उसने खुद भी राजनीति में सक्रिय भूमिका निभानी शुरू की।
वह लगातार राजनीतिक संपर्क मजबूत करने में जुटा हुआ था और दिल्ली स्थित पार्टी कार्यालय में भी उसकी सक्रिय मौजूदगी रहती थी। उसके परिवार में दो भाई डॉक्टर हैं जबकि एक बैंक अधिकारी है। दिल्ली पुलिस ने इस मामले में संतोष जायसवाल के अलावा डॉ अखलाक आलम, संत प्रताप सिंह और विनोद पटेल को गिरफ्तार किया है।

