रोहिणी कोर्ट के जज का वीडियो वायरल करने पर DJSA ने जताई कड़ी आपत्ति, वकीलों की ओर से जजों को धमकाने को न्यायपालिका पर बताया सीधा हमला

दिल्ली ज्यूडिशियल सर्विस एसोसिएशन (DJSA) ने रोहिणी कोर्ट के डिस्ट्रिक्ट जज राकेश कुमार-V का अदालती कार्यवाही के दौरान बिना अनुमति वीडियो रिकॉर्ड करने और उसे सोशल मीडिया पर वायरल करने की घटना की कड़ी निंदा की है। एसोसिएशन ने रविवार (18 मई 2026) को जारी एक आधिकारिक बयान में इस कृत्य पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए इसे न्यायिक स्वतंत्रता और संस्थागत गरिमा के लिए एक गंभीर खतरा बताया।

गौरतलब है कि दिल्ली हाई कोर्ट ने इस विवादित वीडियो के सामने आने के बाद जज राकेश कुमार-V को न्यायिक कार्य से मुक्त कर दिल्ली न्यायिक अकादमी से संबद्ध कर दिया है।

एसोसिएशन ने अपने पत्र में सख्त रुख अपनाते हुए कहा, “न्यायिक कार्यवाही की गुप्त रूप से रिकॉर्डिंग करना और उसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल करना न केवल घोर अनुचित है, बल्कि यह न्यायिक संस्थान की गरिमा, स्वतंत्रता और महिमा पर सीधा हमला है। ऐसे गैर-कानूनी और लापरवाही भरे कृत्य अदालतों को बदनाम करने, न्याय प्रशासन में जनता के विश्वास को कमजोर करने और न्यायिक अधिकारियों को उनके संवैधानिक कर्तव्यों के निर्वहन के दौरान डराने, बदनाम करने और सार्वजनिक दबाव में लाने के उद्देश्य से किए जाते हैं।”

इसके साथ ही वकीलों के एक वर्ग द्वारा न्यायिक अधिकारियों को डराने-धमकाने और काम का बहिष्कार करने पर भी एसोसिएशन ने तीखी आपत्ति जताई। पत्र में आगे कहा गया, “बार के कुछ सदस्यों द्वारा न्यायिक अधिकारियों को खुलेआम धमकी देना, डराना और उनके कानूनी कर्तव्यों में बाधा डालने का प्रयास करना कानून के शासन वाले संवैधानिक लोकतंत्र में पूरी तरह से अस्वीकार्य है। अगर ऐसे दबाव और सार्वजनिक बदनामी को बर्दाश्त किया गया, तो कोई भी न्यायिक अधिकारी निडर होकर काम नहीं कर पाएगा। हाई कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद भी वकीलों द्वारा न्यायिक कार्य से दूर रहना जनता को बंधक बनाने और न्याय व्यवस्था को पंगु बनाने जैसा है।”

डीजेएसए ने जज राकेश कुमार और पूरे न्यायिक बिरादरी के साथ एकजुटता दोहराते हुए कहा कि न्यायपालिका की स्वतंत्रता से कोई समझौता नहीं किया जा सकता। एसोसिएशन ने दिल्ली हाई कोर्ट से सोशल मीडिया से इन वायरल वीडियो क्लिपों को तुरंत हटाने का निर्देश देने की मांग की है। यह पूरा विवाद को-ऑर्डिनेशन कमेटी ऑफ ऑल डिस्ट्रिक्ट कोर्ट बार एसोसिएशंस द्वारा जज के तबादले और जांच की मांग को लेकर काम बंद करने के आह्वान के बाद और गरमा गया है।