देश के पहले उप प्रधानमंत्री और गृह मंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल की अगले सप्ताह 31 अक्टूबर 2025 को 150वीं जयंती है। मोदी सरकार इस अवसर पर एक ‘मेगा इवेंट’ का आयोजन कर रही है। इसमें सबसे खास है उनके जीवन पर आधारित 90 मिनट का नाटक। इस नाटक का मंचन राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (NSD) के कलाकार करेंगे।
नाटक की शुरुआत गुजरात के केवड़िया से होगी। इसके बाद यह देश के अन्य शहरों में भी प्रदर्शित किया जाएगा। यह नाटक सरदार पटेल के सालभर चलने वाले 150वीं जयंती समारोहों का हिस्सा है।
भव्य नाटक की शुरुआत
जानकारी के अनुसार, यह 90 मिनट का नाटक पहले 30 और 31 अक्टूबर को गुजरात के केवड़िया में मंचित किया जाएगा। इस भव्य समारोह का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। कार्यक्रम में गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और कई अन्य मंत्री भी शामिल होंगे। इसके बाद नाटक को नई दिल्ली और अहमदाबाद सहित देश भर के अन्य शहरों में दिखाया जाएगा।
नाटक में 200 कलाकार और क्रू मेंबर शामिल होंगे। लाइटिंग इफेक्ट और अन्य नई तकनीकों का उपयोग किया जाएगा। सरदार पटेल की भूमिका तीन अलग-अलग कलाकार निभाएँगे। इसकी शुरुआत 14 वर्षीय पटेल से होगी, जिन्होंने स्कूल में किताबों की बढ़ी कीमत पर विरोध किया था। नाटक में सरदार पटेल के जीवन के गंभीर पहलुओं को भी उठाया गया है। इसमें राजनीति में परिवारवाद (भाई-भतीजावाद) का उनका सख्त विरोध भी शामिल है।
जीवन के महत्वपूर्ण मोड़
नाटक में सरदार पटेल के जीवन के कई महत्वपूर्ण मोड़ दिखाए जाएँगे। इसमें लंदन से बैरिस्टर बनकर अहमदाबाद वापसी शामिल है। बाल गंगाधर तिलक के भाषण ने उनकी राजनीतिक चेतना में बदलाव लाया, यह भी दिखाया जाएगा।
महात्मा गाँधी के साथ उनके संबंधों पर भी प्रकाश डाला जाएगा। यह भी दिखाया जाएगा कि 1946 में उन्होंने नेहरू के पक्ष में कॉन्ग्रेस अध्यक्ष पद की उम्मीदवारी कैसे वापस ले ली थी। नाटक का समापन उनके अंतिम दिनों और गाँधीजी की हत्या से हुए उनके दुःख के साथ होगा।
उच्च-स्तरीय समिति का गठन
संस्कृति मंत्रालय ने इस मेगा इवेंट की देखरेख के लिए एक उच्च-स्तरीय समिति बनाई है। इस समिति की अध्यक्षता प्रधानमंत्री मोदी कर रहे हैं। समिति में केंद्रीय मंत्रियों, राज्यपालों और मुख्यमंत्रियों समेत 100 से अधिक सदस्य हैं। पूर्व राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल और रामनाथ कोविंद भी इसके प्रमुख सदस्य हैं।

